“व्यक्तिगत अपराधों को कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं माना जा सकता”: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का विपक्ष को करारा जवाब

विवेक ओझा
चेन्नई
तमिलनाडु की राजनीति में कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी उग्र हो गया है। राज्य विधानसभा के भीतर और बाहर विपक्षी दलों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बीच, तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने एक बेहद दार्शनिक और प्रशासनिक तर्क के साथ अपनी सरकार का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी समाज में होने वाले व्यक्तिगत अपराधों (individual crimes) को सीधे तौर पर पूरे राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति (law and order situation) के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
8 सितंबर 2026 को चेन्नई से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (CM C. Joseph Vijay) ने राज्य की सुरक्षा स्थिति पर उठ रहे सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। अपनी नई सरकार के गठन के बाद से ही लगातार मीडिया और विपक्ष के रडार पर रहे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराधों के प्रति देखने का नज़रिया बदलना चाहिए। उनका मानना है कि अपराधों की प्रकृति सामाजिक और व्यक्तिगत भी होती है, जिसके लिए हर बार पुलिस या सरकार की नीतियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
विपक्षी दलों द्वारा पिछले कुछ महीनों में हुई आपराधिक घटनाओं का हवाला देकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने एक मजबूत तार्किक बिंदु रखा। उन्होंने सदन में ज़ोर देकर कहा कि “कोई भी किसी अपराध के लिए सरकार पर ज़िम्मेदारी तय नहीं कर सकता (One cannot fix responsibility for a crime on a government)”। अपने तर्क को और अधिक पुख्ता करते हुए उन्होंने अपनी सरकार के शुरुआती कार्यकाल का बचाव किया और कहा कि “सभी अपराध पिछले 100 दिनों में नहीं किए गए हैं” (not all crimes were committed in the last 100 days)।
मुख्यमंत्री का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि राज्य में जो भी आपराधिक प्रवृत्तियां या गिरोह सक्रिय हैं, वे रातों-रात पैदा नहीं हुए हैं। यह एक लंबी सामाजिक और ढांचागत समस्या है जो पिछली सरकारों के समय से चली आ रही है। ऐसे में, सत्ता संभालने के महज़ 100 दिनों के भीतर हर एक आपराधिक घटना का ठीकरा नई सरकार के सिर पर फोड़ना राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम है।
हालांकि, विपक्ष मुख्यमंत्री के इस तर्क से सहमत नज़र नहीं आता। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब कोई नई सरकार भारी बहुमत से सत्ता में आती है, तो जनता को उससे त्वरित और कड़े प्रशासनिक फैसलों की उम्मीद होती है। व्यक्तिगत अपराधों और संगठित अपराधों के बीच एक महीन रेखा होती है, और यदि पुलिस का खौफ कम होता है, तो व्यक्तिगत अपराध भी बेतहाशा बढ़ने लगते हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का यह बयान तमिलनाडु की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे चुका है कि क्या सरकार वास्तव में ‘व्यक्तिगत अपराध’ की आड़ लेकर अपनी प्रशासनिक विफलताओं से पल्ला झाड़ सकती है, या फिर यह महज़ एक तार्किक राजनीतिक रक्षात्मक कदम है।