Bulandshahr : राजनीति में उतरने को तैयार बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह, बोलीं- टिकट नहीं बल्कि जनसेवा और नेतृत्व से बनती है पहचान

Bulandshahr : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के परिवार का दबदबा बढ़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। बुलंदशहर के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं शालिनी सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए राजनीति में आने की अपनी इच्छा खुलकर जाहिर की। उन्होंने दो टूक कहा कि समाज में किसी भी नेता की पहचान किसी पार्टी के पद या टिकट से नहीं बल्कि उसके नेतृत्व और जनता के लिए किए गए संघर्ष व कार्यों से तय होती है।पार्टी का आदेश मिला तो जरूर लड़ूंगी चुनावशालिनी सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर साफ किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश देता है, तो वह पूरी तरह तैयार हैं और चुनावी मैदान में जरूर उतरेंगी। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से नोएडा क्षेत्र में रहकर लगातार सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं। उनका मानना है कि राजनीति में आने का उनका मकसद किसी खास दल या विपक्ष को घेरना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सही मुद्दों पर मुखर होकर अपनी आवाज उठाना है। इस दौरान उन्होंने यूजीसी समेत कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी।वैचारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक परिवारशालिनी सिंह की वैचारिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि पूरी तरह से राजनीति और राष्ट्रवाद से जुड़ी रही है। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति से गहराई से जुड़ी हैं और हाल ही में उन्होंने संघ की इस शाखा का सर्वोच्च तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण भी पूरा किया है। उनकी ससुराल का ताल्लुक भी राजनीति से ही है; उनका विवाह बिहार के आरा से पूर्व सांसद रहे स्व. अजीत सिंह और पूर्व सांसद मीना सिंह के इकलौते बेटे विशाल सिंह के साथ हुआ है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ नोएडा में निवास करती हैं।राजनीतिक विरासत और परिवार का दबदबाशालिनी सिंह के परिवार में उनके माता-पिता और दोनों भाई पहले से ही मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह गोंडा और कैसरगंज संसदीय क्षेत्रों से छह बार सांसद रह चुके हैं और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी मां केतकी देवी सिंह भी वर्ष 1996 में गोंडा लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं। इसके अलावा उनके दोनों भाई भी राजनीति में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं; बड़े भाई प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं, जबकि छोटे भाई करण भूषण सिंह कैसरगंज सीट से भाजपा सांसद हैं। अब शालिनी सिंह के इस बयान के बाद उनके भी जल्द चुनावी मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।