तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर यू.के. रवाना

सरिता त्रिपाठी/ चेन्नई / लंदन: तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाने और राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा कूटनीतिक और वाणिज्यिक कदम उठाया गया है। तमिलनाडु के नवनिर्वाचित और लोकप्रिय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा (first official overseas visit) के लिए यूनाइटेड किंगडम (U.K.) की ओर प्रस्थान किया है। उनका यह दौरा राज्य की भविष्य की औद्योगिक नीतियों और आर्थिक विस्तार के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत और मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दौरा है, जिसे लेकर राज्य के औद्योगिक और कॉर्पोरेट हलकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय गुरुवार को (on Thursday) यूनाइटेड किंगडम की इस महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए (embarked)। चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके प्रस्थान के समय भारी भीड़ और उनके मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सहयोगी उन्हें विदा करने के लिए मौजूद थे।
इस ब्रिटेन यात्रा का मुख्य फोकस राज्य में अगली पीढ़ी की तकनीकों, भारी निवेश और रोज़गार के नए अवसरों को लाना है। इस उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान यह उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री ब्रिटिश उद्योग विशेषज्ञों के साथ गहन वार्ता करेंगे (hold talks with industry experts)। इसके साथ ही, वे तमिलनाडु में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए यू.के. स्थित कई प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs with U.K.-based companies) पर हस्ताक्षर भी करेंगे।
तमिलनाडु सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ज्ञान-आधारित और विनिर्माण उद्योगों का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य के शिक्षित युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय रोज़गार (creating high-end jobs) पैदा करना है। मुख्यमंत्री के एजेंडे में विशेष रूप से उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (electronics) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centres – GCCs) की स्थापना जैसे अहम विषय शामिल हैं।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वे अपतटीय केंद्र होते हैं जो आईटी, अनुसंधान और विकास (R&D) और इंजीनियरिंग से जुड़ी उच्च मूल्य वाली तकनीकी सेवाएं प्रदान करते हैं। चेन्नई और कोयंबटूर पहले से ही आईटी हब के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अब यू.के. की कंपनियों के साथ साझेदारी करके मुख्यमंत्री विजय तमिलनाडु को ‘डीप टेक’ का एक वैश्विक केंद्र बनाना चाहते हैं। इस विदेशी दौरे के सफल परिणाम निश्चित रूप से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे और प्रतिभाओं के ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने में मदद करेंगे।