चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा : होटल पर नो-फ्लाई जोन से लेकर रसोई तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, स्टाफ की कड़ी निगरानी

New Delhi : राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर के वक्त विशेष विमान से भारत पहुंच रहे हैं। उनका यह 24 घंटे का दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि जून 2020 की गलवान घाटी हिंसा के बाद चीनी राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है। इस हाई-प्रोफाइल यात्रा को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने किलेबंदी जैसे कड़े इंतजाम किए हैं।नो-फ्लाई जोन और तिब्बती एक्टिविस्ट्स के विरोध की आशंकाशी जिनपिंग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके ठहरने वाले होटल और आसपास के इलाकों को कुछ समय के लिए ‘नो-फ्लाई जोन’ (No-Fly Zone) घोषित किया जा सकता है। सुरक्षा बलों को मुख्य रूप से संभावित सुरक्षा खतरों और तिब्बती कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर हाई अलर्ट पर रखा गया है। बीजिंग की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि चीन-विरोधी प्रोपेगैंडा के लिए ड्रोन, बैनर, लाउडस्पीकर या गुब्बारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके चलते कम ऊंचाई पर उड़ने वाली छोटी हवाई वस्तुओं और यूएवी (UAV) पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।67 सदस्यीय हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन और 10 दिन पहले आया कार्गोचीनी राष्ट्रपति के साथ 67 लोगों का एक बड़ा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां, राजनयिक, शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और विशेष मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत चीन ने अपनी तरफ से जरूरी सामानों से भरा एक कार्गो विमान राष्ट्रपति के आगमन से 10 दिन पहले ही दिल्ली भेज दिया था, जिसमें उनकी विशेष ‘होंगकी’ (लाल झंडा) स्टेट लिमोजिन कार, एक बैकअप कार और आधुनिक संचार उपकरण (Communication Equipment) शामिल हैं।सुरक्षा और संचार के कड़े नियमभारतीय नियमों के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को अपने संचार उपकरण लाने की अनुमति तो होती है, लेकिन इसके लिए दूरसंचार विभाग की मंजूरी अनिवार्य होती है और सैटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरणों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जाती है। इसके अलावा, हथियारों और गोला-बारूद के मामले में केवल व्यक्तिगत पिस्तौल लाने की अनुमति होती है, जबकि सबमरीन गन या एंटी-ड्रोन जैसे उपकरण आयात करने की अनुमति नहीं दी जाती और एयरपोर्ट पर ही कस्टम्स के पास जमा कराने होते हैं।रसोई से लेकर पाइपलाइन नेटवर्क तक की जांचआतंकवाद-रोधी दस्तों और आधुनिक विस्फोट-रोधी उपकरणों की तैनाती के साथ-साथ शी जिनपिंग के ठहरने वाले होटल में परमाणु-रोधी (Anti-nuclear), रेडिएशन-रोधी और बायोकेमिकल-रोधी सुरक्षा की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा घेरे को पुख्ता करने के लिए होटल के आसपास जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन नेटवर्क की भी बारीकी से जांच की गई है। इसके अलावा, चीनी अधिकारियों के विशेष अनुरोध पर उनके स्टाफ को रसोई (किचन) तक पहुंच दी गई है, ताकि वे राष्ट्रपति की खान-पान की प्राथमिकताओं और सुरक्षा मानकों के तहत भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकें। जी20 सम्मेलन की तर्ज पर इस बार भी मेन्यू में मोटे अनाज (मिलेट्स) आधारित शाकाहारी व्यंजनों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता और डिनरशनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में भाग लेने के अलावा, शी जिनपिंग शाम के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री की मेजबानी में आयोजित होने वाले स्टेट डिनर (गाला डिनर) में भी वह शामिल होंगे। सभी कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद शी जिनपिंग रविवार सुबह करीब 11 बजे भारत मंडपम से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।