ब्रिक्स आमंत्रण पर कूटनीतिक स्पष्टीकरण: भारत ने बांग्लादेश के पीएम रहमान को नहीं, बल्कि बिम्सटेक अध्यक्ष को दिया न्योता

विवेक ओझा/ नई दिल्ली / ढाका: ढाका ने दी सफाई, विदेश राज्य मंत्री बोले- तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बिम्सटेक प्रमुख की हैसियत से किया गया आमंत्रित
वैश्विक राजनीति और कूटनीति के पटल पर शब्दों और आमंत्रणों के पीछे छिपे संदेशों का बहुत गहरा महत्व होता है। भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर एक ऐसी ही बारीक लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक स्थिति सामने आई है। इस शिखर सम्मेलन में पड़ोसी देश बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर चल रही तमाम अटकलों और राजनीतिक बहसों पर अब ढाका (Dhaka) की ओर से एक स्पष्ट और आधिकारिक बयान जारी किया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि भारत ने बांग्लादेश के पीएम रहमान को ब्रिक्स के लिए आमंत्रित नहीं किया (India did not invite Bangladesh PM Rahman for BRICS) है, बल्कि यह निमंत्रण विशेष रूप से बिम्सटेक (BIMSTEC) अध्यक्ष के लिए था। यह स्पष्टीकरण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों की बारीकियों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कल्लोल भट्टाचार्जी (Kallol Bhattacherjee) द्वारा 11 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस कूटनीतिक भ्रम को दूर करने का जिम्मा बांग्लादेश के शीर्ष नेतृत्व ने उठाया। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री (The Minister of State for Foreign Affairs) ने इस आमंत्रण की सटीक प्रकृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान (Bangladesh PM Tarique Rahman) को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि बिम्सटेक के प्रमुख की हैसियत से आमंत्रित किया गया था (invited in his capacity as the head of BIMSTEC, not as the Prime Minister)।
कूटनीतिक दुनिया में एक व्यक्ति द्वारा धारण किए गए अलग-अलग पदों के आधार पर आमंत्रण भेजना एक सामान्य और स्थापित प्रक्रिया है। ब्रिक्स (BRICS) जैसे शक्तिशाली और बहुपक्षीय मंच पर, भारत ने हमेशा से क्षेत्रीय संगठनों को आउटरीच कार्यक्रमों के तहत आमंत्रित करने की परंपरा निभाई है। बिम्सटेक (BIMSTEC – बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी प्रथम) और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। चूंकि वर्तमान में बिम्सटेक की अध्यक्षता बांग्लादेश के पास है, इसलिए सम्मेलन में बिम्सटेक के प्रतिनिधि के रूप में तारिक रहमान की उपस्थिति आवश्यक थी।
यह कूटनीतिक सफाई उस समय आई है जब कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा चल रही थी कि भारत ने द्विपक्षीय संबंधों के तहत बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को एक विशेष अतिथि के रूप में ब्रिक्स में बुलाया है। विदेश राज्य मंत्री के इस बयान ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह निमंत्रण संस्थागत (Institutional) था, न कि व्यक्तिगत या द्विपक्षीय (Bilateral)। भारत के लिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक के अध्यक्ष की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि भारत वैश्विक मंचों पर अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की आवाज़ को भी उठाना चाहता है। ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए, श्री कोबीर (Mr. Kobir) ने इस मुद्दे पर अपना रुख रखा (Speaking to reporters in Dhaka, Mr. Kobir said)। इस कूटनीतिक स्पष्टीकरण ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भारत और बांग्लादेश के बीच के संबंध पूरी तरह से परिपक्व हैं और दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के प्रोटोकॉल को भली-भांति समझते हैं।