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BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में वैश्विक ताकत का महाकुंभ आज, भारत मंडपम में पीएम मोदी संभालेंगे मोर्चा; जानें पल-पल का शेड्यूल

New Delhi : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 का आज यानी रविवार को समापन हो रहा है. भारत की मेजबानी में चल रहे इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर आज दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि आज सम्मेलन का आखिरी दिन है और कई अहम कूटनीतिक फैसलों पर मुहर लगनी है. ग्लोबल गवर्नेंस, बहुपक्षवाद और आर्थिक मजबूती जैसे गंभीर विषयों पर मंथन के बाद आज कार्यक्रम के अंत में बहुप्रतीक्षित ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ जारी किया जाएगा जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यस्था की दिशा तय करेगा.सुबह से शुरू होगा दिग्गजों का जमावड़ा और फैमिली फोटो रविवार सुबह 9:55 बजे से ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के साथ-साथ पार्टनर देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित राष्ट्राध्यक्षों व शासनाध्यक्षों का भारत मंडपम के लेवल-2 पर आगमन शुरू हो जाएगा. इस बार ब्रिक्स के दायरे में विस्तार हुआ है और इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया सहित कुल 11 देश शामिल हैं. इसके तुरंत बाद सुबह 10:35 बजे सभी वैश्विक नेताओं की आधिकारिक ‘फैमिली फोटो’ होगी जो अंतरराष्ट्रीय मीडिया के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी.मुख्य ओपन सेशन और ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ का इंतजार सुबह 10:50 बजे ब्रिक्स का मुख्य ओपन सेशन शुरू होगा जिसका मुख्य विषय ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth’ रखा गया है. इसका सीधा अर्थ मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास के जरिए समावेशी वैश्विक विकास का भविष्य तैयार करना है. इस सत्र में तमाम ग्लोबल लीडर्स दुनिया के सामने आ रही आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे और महासम्मेलन के समापन पर ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ का ऐलान किया जाएगा.पीएम मोदी की चार देशों के नेताओं के साथ ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें इस बहुपक्षीय सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कूटनीतिक मोर्चे पर बेहद सक्रिय रहेंगे और चार देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी का आज का शेड्यूल बेहद व्यस्त है जिसमें दोपहर 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, दोपहर 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, दोपहर 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामफोसा के साथ अहम चर्चा शामिल है.भारत की अध्यक्षता में रचे गए नए आयाम और वैश्विक ताकत भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की प्रेसीडेंसी संभाली है जिससे पहले देश ने 2012, 2016 और 2021 में भी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था. ‘मानवता पहले’ यानी humanity first के मूल सिद्धांत को केंद्र में रखकर भारत ने इस साल ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थीम पर काम किया है. भारत की इस अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा उच्चस्तरीय बैठकें और कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं. राजनीतिक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने वाले ब्रिक्स संगठन के पास आज दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व है जो इसे दुनिया का सबसे ताकतवर आर्थिक मंच बनाता है.