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BRICS Summit 2026: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का अमेरिका-इजराइल पर बड़ा हमला, कहा- ‘धमकी से नहीं झुकेंगे, हमारी सेना से मुकाबला करें’

New Delhi : नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल पर तीखा हमला बोला है. सम्मेलन से इतर मीडिया और वैश्विक मंचों पर अपने सख्त तेवर दिखाते हुए पेजेश्कियान ने दो टूक कहा है कि ईरान किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश सीधे तौर पर ईरानी सेना का सामना करने से बचते हैं और कायरता दिखाते हुए आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे, खाने-पीने की वस्तुओं तथा रोजगार के साधनों को निशाना बना रहे हैं.आम नागरिकों और अर्थव्यवस्था को निशाना बनाए जाने पर तीखा सवाल ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक संदेश में अमेरिकी और इजरायली नेतृत्व को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे खुद को असल योद्धा मानते हैं, तो उन्हें मैदान में आकर ईरान की बहादुर सेना का सीधे सामना करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर युद्ध के मोर्चों को छोड़कर आम जनता के जीवन को प्रभावित करने वाले बुनियादी ढांचे, खाद्य सामग्रियों और आजीविका के संसाधनों पर हमले क्यों किए जा रहे हैं. पेजेश्कियान ने मानवीय संकट का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वे खुद को इंसानियत के पैरोकार कहते हैं, तो वे आम जनता तक पानी, भोजन और दवाइयां क्यों नहीं पहुंचने दे रहे हैं.परमाणु कार्यक्रम पर अमरीकी आरोपों को खारिज किया तेहरान के परमाणु हथियारों से जुड़े दावों को सिरे से खारिज करते हुए पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियां पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय नियमों और ‘न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी’ (NPT) की सदस्यता के दायरे में रहकर संचालित की गई हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश केवल ईरान की जमीन पर सैन्य कार्रवाई करने के लिए झूठे बहाने तलाश रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसियों ने लगातार तेहरान की गतिविधियों की कड़ी निगरानी की है और सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर NPT का सदस्य न होने के बावजूद इजराइल के गुप्त परमाणु कार्यक्रमों की अंतरराष्ट्रीय जांच क्यों नहीं की जाती है.अमेरिका के साथ सीधी बातचीत और अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीधी बातचीत के सवाल पर पेजेश्कियान ने फिलहाल किसी भी तुरंत समझौते की संभावना से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी है और 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत के दौरान ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद वाशिंगटन के साथ सीधे संवाद की राह बेहद कठिन हो चुकी है. ईरानी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि तेहरान का रुख बिल्कुल साफ है कि अमेरिका को ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध तुरंत हटाने होंगे और देश पर हो रहे हमलों को पूरी तरह बंद करना होगा, तभी किसी सार्थक संवाद पर विचार किया जा सकता है.