Trending

ब्रिक्स समिट की ऐतिहासिक सफलता: रविशंकर प्रसाद और मायावती ने की सराहना, साझा घोषणापत्र में आतंकवाद और फिलिस्तीन मुद्दे पर बनी आम सहमति

New Delhi : भारत की मेजबानी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में संपन्न हुआ दो दिवसीय 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कूटनीतिक और वैश्विक स्तर पर बेहद सफल रहा है। इस सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर आर्थिक सहयोग और आपसी हितों के मुद्दों को मजबूती दी। सम्मेलन के अंत में जारी किए गए साझा घोषणापत्र में कई अहम वैश्विक मुद्दों को स्थान मिला, जिसकी गूंज देश-दुनिया की राजनीति में सुनाई दे रही है।रविशंकर प्रसाद ने गिनाईं उपलब्धियांभारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना में प्रेस को संबोधित करते हुए ब्रिक्स समिट को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया। उन्होंने कहा कि भारत की अगुवाई में चीन, रूस, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे प्रभावशाली देशों ने एक मजबूत वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय मंच तैयार किया है। उन्होंने विशेष रूप से चीन द्वारा भारत के साथ दोस्ती का नया हाथ बढ़ाने और रूस, मलेशिया तथा ईरान के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की सराहना किए जाने का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने साझा घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम करार देते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।मायावती और महबूबा मुफ्ती ने की सराहनाबहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी ब्रिक्स समिट की सफलता के लिए मोदी सरकार की कूटनीति की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि यह साझा घोषणापत्र भारत की सूझबूझ का परिणाम है, जिसमें फिलिस्तीन समाधान और पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया जाना बेहद अहम है। वहीं, श्रीनगर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ को एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में पश्चिम एशिया के हालात, एकतरफा हमलों और गाजा की स्थिति को लेकर मजबूत रुख अपनाया गया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मेजबान देश होने के नाते भारत को इन मामलों में और अधिक मुखरता से अपनी बात रखनी चाहिए थी।