मिलेट पुलाव, पनीर लबाबदार और शहतूत फिरनी: ब्रिक्स गाला डिनर में परोसा गया शानदार भारतीय व्यंजन

पीएम मोदी ने भारत मंडपम में की विश्व नेताओं की भव्य मेज़बानी; पुतिन, सुबिआंतो और तोकायेव रहे मौजूद
राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में ‘पाक कला कूटनीति’ (Culinary Diplomacy) का हमेशा से एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। जब दुनिया के शीर्ष नेता एक मेज़ पर बैठकर भोजन साझा करते हैं, तो वे न केवल एक-दूसरे की संस्कृति का स्वाद चखते हैं, बल्कि आपसी संबंधों को भी एक नया और सौहार्दपूर्ण आयाम देते हैं। भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान भी कुछ ऐसा ही अद्भुत और भव्य नज़ारा देखने को मिला। 12 सितंबर, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत मंडपम में विश्व नेताओं के सम्मान में एक शानदार गाला डिनर (रात्रिभोज) की मेज़बानी की गई।
इस अति-विशिष्ट और भव्य रात्रिभोज के लिए एक बेहद खास और पूरी तरह से भारतीय शाकाहारी मेनू तैयार किया गया था, जिसने विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध और विविध खाद्य संस्कृति से परिचित कराया। इस बहुचर्चित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के गाला डिनर मेनू में ‘मिलेट पुलाव’, ‘पनीर लबाबदार’ और ‘शहतूत फिरनी’ जैसे शानदार और लज़ीज़ पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को शामिल किया गया था। इस मेनू का चयन बेहद सोच-समझकर किया गया था, जो न केवल स्वाद में बेजोड़ था, बल्कि भारत की कृषि विरासत को भी प्रदर्शित कर रहा था।
विशेष रूप से ‘मिलेट पुलाव’ को शामिल करना भारत सरकार की उस वैश्विक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत मोटे अनाजों (Millets) के स्वास्थ्य लाभों और पर्यावरण के अनुकूल उनकी खेती को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष’ घोषित किया था, और अब इसे विश्व नेताओं की थाली में सजाकर भारत ने अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। इसके साथ ही, उत्तर भारतीय व्यंजनों की शान ‘पनीर लबाबदार’ और एक शाही मीठे व्यंजन के रूप में ‘शहतूत फिरनी’ ने इस गाला डिनर को विदेशी मेहमानों के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया।
इस ऐतिहासिक रात्रिभोज में दुनिया भर के कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष और राजनयिक शामिल हुए। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए इन विशिष्ट अतिथि नेताओं के लिए पीएम मोदी द्वारा इस गाला डिनर की मेज़बानी की गई थी। एक ही छत के नीचे दुनिया की उभरती हुई महाशक्तियों का यह जमावड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक बहुत बड़ा क्षण था।
इस शानदार गाला डिनर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव सहित कई अन्य दिग्गज नेता उपस्थित थे। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम की जगमगाती रोशनी और पारंपरिक भारतीय संगीत की धुनों के बीच, इन नेताओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया, बल्कि अनौपचारिक रूप से आपसी संबंधों को भी मज़बूत किया। ऐसे आयोजन विश्व नेताओं को तनावपूर्ण कूटनीतिक वार्ताओं से दूर एक अनौपचारिक और मैत्रीपूर्ण माहौल में जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। यह गाला डिनर भारत की बेमिसाल आतिथ्य सत्कार परंपरा ‘अतिथि देवो भव:’ का एक उत्कृष्ट और जीवंत प्रमाण बन गया है, जिसकी गूंज लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय हलकों में सुनाई देती रहेगी।