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बंगलूरू के नेशनल लॉ स्कूल में उमर खालिद की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर घमासान, एबीवीपी और वकीलों ने की रद्द करने की मांग

New Delhi : बंगलूरू स्थित प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी यानी एनएलएसआईयू में कार्यकर्ता उमर खालिद पर आधारित डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एबीवीपी और प्रबुद्ध वर्ग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दी औपचारिक शिकायतबंगलूरू के एनएलएसआईयू परिसर में 14 सितंबर को कार्यकर्ता उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ की स्क्रीनिंग तय की गई थी. इस कार्यक्रम के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोलते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को आधिकारिक शिकायत सौंपी है. एबीवीपी का तर्क है कि उमर खालिद का नाम साल 2016 के जेएनयू विवादित नारों, सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों और दिल्ली दंगों से जुड़ा रहा है. संगठन का आरोप है कि शिक्षण संस्थानों को वैचारिक प्रचार या नागरिक अशांति को महिमामंडित करने का अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए.संतुलित चर्चा या वैचारिक प्रचार, वकीलों ने उठाए गंभीर सवालइस विरोध की कड़ी में जाने-माने अधिवक्ता गिरीश भारद्वाज ने भी एनएलएसआईयू के कुलपति और रजिस्ट्रार को ईमेल भेजकर स्क्रीनिंग रद्द करने की पुरजोर मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें अकादमिक बहसों से कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन यदि हिरासत और संवैधानिक स्वतंत्रता जैसे विषयों पर चर्चा होनी ही है, तो उसमें राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों और अलगाववादी हिंसा से पीड़ितों का पक्ष भी शामिल किया जाना चाहिए. फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विश्वविद्यालय इस विवादित कार्यक्रम पर क्या अंतिम फैसला लेगा.