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बंगाल उपचुनाव का महासमसंग: शुभेंदु के करीबी रहे चंद्रनाथ रथ की मां को नंदीग्राम से टिकट, टीएमसी के बागी गुट ने बढ़ाई हलचल

New Delhi : पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर से बेहद गरमा गई है क्योंकि राज्य की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों रेजीनगर और नंदीग्राम पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इन सीटों पर अपने मजबूत उम्मीदवारों का ऐलान कर चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। भाजपा ने हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को मैदान में उतारा है, जो कुछ महीने पहले ही अपनी जान गंवाने वाले भाजपा नेता चंद्रनाथ रथ की माताजी हैं। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है।नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को टिकट और चंद्रनाथ हत्याकांड का कनेक्शनभारतीय जनता पार्टी ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए हासिरानी रथ को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। हासिरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की मां हैं जिनकी इस साल मई के महीने में निर्मम हत्या कर दी गई थी। मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। राजनीतिक गलियारों में शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले चंद्रनाथ रथ ने सक्रिय राजनीति में आने से पहले भारतीय वायुसेना में करीब दो दशक तक अपनी सेवाएं दी थीं और उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा रहरा राम कृष्ण मिशन से पूरी की थी। बीते 6 मई की रात को 24 परगना जिले में अज्ञात बदमाशों ने चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमें स्थानीय सूत्रों के अनुसार उन्हें बेहद करीब से गोलियां मारी गई थीं। अब उनकी मां को चुनावी मैदान में उतारकर भाजपा ने इस सीट पर अपनी राजनीतिक रणनीति को और अधिक धार दे दी है।रेजीनगर सीट पर भाजपा का दांव और अन्य उम्मीदवारों के नामनंदीग्राम के अलावा पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी मुकाबला बेहद कांटे का होने वाला है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने शाखारव सरकार को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है। रेजीनगर और नंदीग्राम के इस उपचुनाव को साल 2026 के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा ने जहां इन दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों और अन्य राजनीतिक संगठनों की हलचल भी काफी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों सीटों के परिणाम आने वाले समय में बंगाल की राजनीति की दशा और दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।टीएमसी के बागी गुट और आधिकारिक खेमे के बीच होगी आर-पार की लड़ाईपश्चिम बंगाल की इन दोनों विधानसभा सीटों पर केवल भाजपा और मुख्य विपक्षी दलों के बीच ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट ने नंदीग्राम सीट से मोहम्मद एतेशामुल हक को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से सफीउद्दीन शेख को चुनावी रण में उतारा गया है। टीएमसी के इस बागी गुट का यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला है जो पार्टी के विभाजन के बाद सामने आया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले आधिकारिक टीएमसी गुट ने नंदीग्राम से संचित प्रधानी डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है। बागी गुट ने पहले यह साफ किया था कि अगर ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं तो वे अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, लेकिन ममता बनर्जी के इस सीट से चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद बागी गुट ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया जिससे अब दोनों सीटों पर टीएमसी के दोनों आमने-सामने के गुट आपस में ही टकराते नजर आएंगे।