पटना में उबाल और अफसरों की लंबी छुट्टी: BPSC-BPSSC छात्रों के हंगामे के बीच टॉप 3 अधिकारी गए अवकाश पर, खड़े हुए बड़े सवाल

Patna : बिहार की राजधानी पटना इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर सुलग रही है। हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं और लगातार उग्र प्रदर्शन जारी है। इस बीच सूबे के प्रशासनिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिस समय छात्र सड़क से लेकर सीएम हाउस तक घेराव की हुंकार भर रहे हैं, ठीक उसी वक्त राज्य के तीन सबसे बड़े संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे मुखिया एक साथ लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। इस अजीबो-गरीब स्थिति ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है और कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।एक साथ छुट्टी पर गए डीजीपी और दोनों आयोगों के अध्यक्षपटना में मंगलवार को हुए भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच यह बात सामने आई कि बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के साथ-साथ बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) के अध्यक्ष भी अवकाश पर चले गए हैं। इन तीनों मलाईदार और बेहद संवेदनशील पदों के प्रमुखों के एक साथ छुट्टी पर जाने से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी हैं। हालांकि, प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इन पदों पर दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है, लेकिन संकट के वक्त टॉप अफसरों की इस गैर-मौजूदगी ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।डीजीपी और आयोग प्रमुखों के अवकाश पर होने से किसे मिला प्रभारआंकड़ों और प्रशासनिक फेरबदल के मुताबिक, बिहार के डीजीपी विनय कुमार पूरे 21 दिन की लंबी छुट्टी पर गए हैं। उनकी जगह 1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार का प्रभारी डीजीपी बनाया गया है। ठीक इसी प्रकार, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई भी छुट्टी पर हैं, और उनके स्थान पर राज्य की सीनियर आईएएस अधिकारी हरजोत कौर को बीपीएससी अध्यक्ष का अतिरिक्त और प्रभारी प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) के अध्यक्ष के. एस. द्विवेदी के अवकाश पर जाने के कारण वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय चयन परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार को बीपीएसएससी अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।सीएम आवास घेरने निकले थे छात्र, जेपी गोलंबर पर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामाबीते मंगलवार को पटना की सड़कों पर जो नजारा देखने को मिला, उसने प्रशासन के होश उड़ा दिए थे। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा थामे और बारिश की परवाह किए बिना गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग बीपीएससी की 70वीं परीक्षा और बीपीएसएससी की सब इंस्पेक्टर के 1799 पदों पर हुई भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जेपी गोलंबर पर भारी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़ डाले और वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यहां तक कि कुछ युवाओं ने रेलवे ट्रैक को भी जाम करने का प्रयास किया था, और फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस पूरे मामले की जांच कर रही है।