दिल्ली MCD में रिश्वतखोरी के दो मामले: 15 लाख की घूस में अफसर समेत 3 गिरफ्तार, पेंशन के लिए पूर्व कर्मचारी से भी मांगी रिश्वत

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) से जुड़े रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने कार्रवाई की है। CBI ने 15 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में MCD के वरिष्ठ सचिवालय सहायक अनिल कुमार उर्फ खत्री समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ACB ने सेवानिवृत्त MCD कर्मचारी के पेंशन फंड को जारी करने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में शाहदरा दक्षिण जोन के डीलिंग असिस्टेंट संजय को गिरफ्तार किया है।होर्डिंग और LED डिस्प्ले की मंजूरी के लिए रिश्वत का आरोपCBI के प्रवक्ता के मुताबिक, MCD के वरिष्ठ सचिवालय सहायक अनिल कुमार उर्फ खत्री पर आरोप है कि वह टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद भी बिलबोर्ड, होर्डिंग और LED डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने के बदले रिश्वत ले रहा था।मामले में CBI ने अनिल कुमार के अलावा नैक्स क्रिएटर्स के निदेशक अनंत कुमार शर्मा और इसी कंपनी के कर्मचारी दिलीप पटेल को भी गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।CBI के अनुसार, आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान कुल 25.25 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। जांच एजेंसी अन्य संबंधित ठिकानों पर भी तलाशी ले रही है।पेंशन फंड जारी करने के बदले 70 हजार मांगने का आरोपदूसरे मामले में ACB ने MCD के शाहदरा दक्षिण जोन कार्यालय में तैनात डीलिंग असिस्टेंट संजय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने MCD के पूर्व सफाई कर्मचारी के पेंशन फंड की राशि जारी करने के बदले कुल 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता जितेंद्र के पिता शैलेख चंद MCD में सफाई कर्मचारी थे और 30 सितंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका पेंशन फंड जारी नहीं हुआ था। इसे लेकर जितेंद्र अपने पिता के साथ कई बार शाहदरा दक्षिण जोन कार्यालय गया।शिकायत के अनुसार, पेंशन फंड जारी करने की प्रक्रिया देख रहे डीलिंग असिस्टेंट संजय ने इसके लिए रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह पहले भी अलग-अलग मौकों पर आरोपी को कुछ रकम दे चुका था। ACB की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने करीब 70 हजार रुपये पहले दिए जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद पेंशन फंड जारी नहीं हुआ।पहली किस्त के तौर पर मांगे थे 20 हजारACB के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने दोबारा 70 हजार रुपये की मांग की और पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये देने को कहा। शिकायतकर्ता ने 14 सितंबर को ACB में इसकी शिकायत की।शिकायत की पुष्टि के बाद ACB की टीम 14 सितंबर की शाम करीब 4:40 बजे शिकायतकर्ता और पंच गवाह के साथ पतपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र स्थित MCD के दक्षिण जोन कार्यालय परिसर पहुंची।ACB के मुताबिक, तय स्थान पर संजय ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगी और 10 हजार रुपये स्वीकार किए। रकम लेते ही ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया।भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्जACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की मांग और पेंशन फंड जारी करने की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।दोनों मामलों में जांच एजेंसियों ने अलग-अलग कार्रवाई की है। CBI की जांच होर्डिंग और LED डिस्प्ले की मंजूरी से जुड़े कथित रिश्वत नेटवर्क पर केंद्रित है, जबकि ACB की कार्रवाई सेवानिवृत्त MCD कर्मचारी के पेंशन फंड से जुड़े कथित रिश्वत मामले में हुई है।