एक ही खिलाड़ी, दो अलग फैसले! ऋषभ पंत को लेकर सिलेक्टर्स की सोच पर उठे सवाल
आमतौर पर क्रिकेट में यह माना जाता है कि जो खिलाड़ी मुख्य टीम का वाइस कैप्टन होता है, उसके भविष्य में कप्तानी संभालने के चांस बढ़ जाते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह होती है कि वाइस कैप्टन टीम के लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा होता है और उसे नेतृत्व की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाता है।
यही बात डोमेस्टिक क्रिकेट में भी लागू मानी जाती है, खासकर उन टूर्नामेंट्स में जहां भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की सीनियर सिलेक्शन कमिटी टीम का चयन करती है। हालांकि, भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के मामले में तस्वीर कुछ अलग ही नजर आती है। पंत के केस में सिलेक्टर्स का फैसला और उनकी सोच आसानी से समझ नहीं आती।
शुभमन गिल को जब टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया था तो वाइस कैप्टेंसी ऋषभ पंत को सौंपी गई थी, लेकिन जल्द ही पंत को उस जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। ये सब अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सीनियर सिलेक्शन कमिटी ने किया। हैरानी की बात यह है कि उसी शख्स को अब ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया टीम की कमान सौंप दी है।

सिलेक्टर्स भी वही हैं, खिलाड़ी भी वही है, लेकिन दो मुंहा फैसला सिलेक्टर्स की ओर से लग रहा है। जिस खिलाड़ी से आप टेस्ट टीम की वाइस कैप्टेंसी छीन रहे हैं तो उसे रेस्ट ऑफ इंडिया का कप्तान बनाकर झुंझुना क्यों पकड़ा रहे हैं।
आप जिस शख्स को टेस्ट टीम में उपकप्तान और कप्तान के लायक नहीं समझ रहे हैं, उसे डोमेस्टिक क्रिकेट में कप्तान बनाकर क्या दिखना चाह रहे हैं? ये सवाल हर एक फैन के दिमाग में है, क्योंकि ईरानी कप भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में काउंट होता है। कहा तो यही जाता है कि डोमेस्टिक क्रिकेट का अनुभव आपको इंटरनेशनल क्रिकेट में काम आता है, लेकिन कप्तानी के मामले में सिलेक्टर्स उल्टा फैसला ले चुके हैं। भविष्य में इसे सुधारा जाएगा या नहीं? ये देखना दिलचस्प होगा।
आपको बता दें, मौजूदा समय में भारत की टेस्ट टीम का कप्तान 27 साल का है और उपकप्तान (केएल राहुल) 34 साल का है। पहले तो यही फैसला घटिया लगता है, क्योंकि उपकप्तान कायदे से उसे होना चाहिए, जो कम उम्र का हो और आगे चलकर उसके कप्तान बनने के चांस हों, लेकिन यहां सिलेक्टर्स का फैसला बहुत ही गंदा लगता है, क्योंकि केएल राहुल 34 के हो चुके हैं और आगे उनका कप्तानी का भविष्य नजर नहीं आता है। हालांकि, पार्ट टाइम कैप्टन उन्हें जरूर कहा जा सकता है। पंत और गिल के केस में तो फिर भी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है।