ध्वजारोहण के लिए एक घंटे से ज्यादा इंतजार, एशियाई खेलों में अव्यवस्था

एशियाई खेलों में भारत समेत छह देशों का ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को एक घंटे से अधिक की देरी से शुरू हुआ। बाद में बताया गया कि एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच गलतफहमी इस व्यवधान का कारण रही।

समारोह जापान के समयानुसार दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर शुरू होना था जो 20 मिनट की देरी से शुरू हुआ। इस अफरातफरी पर भारत के अभियान प्रमुख सहदेव यादव ने कहा, मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। इसके लिए बैंड तैयार था और निंजा योद्धाओं की तरह सजे कलाकार भी अपने हुनर की नुमाइश का इंतजार कर रहे थे।

भारत के अभियान प्रमुख सहदेव यादव और चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिए मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिए बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है।

साभार : गूगल

समारोह में यमन, उत्तर कोरिया, फलस्तीन, भारत, चीनी ताइपे और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था लेकिन उन्हें इंतजार करने को कहा गया। पंद्रह मिनट इंतजार के बाद उन्हें अपने अपने विश्राम क्षेत्र में जाने को कहा गया। स्थानीय आयोजकों ने दुभाषिये के जरिये मीडिया से कहा, विलंब के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे। कुछ समय तक इस संकट के बारे में बताया नहीं गया और यह व्यवधान एक घंटे से अधिक लंबा चला।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने बार बार सवाल किया कि क्या विलंब की वजह राजनीतिक है, इसके बाद आयोजकों ने अलग ही स्पष्टीकरण दिया। समारोह के बाद बयान में कहा गया, एशियाई ओलंपिक परिषद के कार्यकारी बोर्ड और आयोजन समिति के बीच संवाद ठीक नहीं था जिसकी वजह से ऐसा हुआ।

काफी विलंब के बाद जब समारोह हुआ तो सिर्फ भारत की अभियान उप प्रमुख अंजलि और डेविड ही प्रतिनिधि के तौर पर मंच पर गए। भारत के खेलमंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा भी निकट स्थित आईओए कार्यालय से थोड़ी देर के लिए आए। इसके बाद वे भी रवाना हो गए।