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BJP IT Cell Meeting 2026: आगामी चुनावों और ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर बीजेपी की बड़ी बैठक, सोशल मीडिया रणनीति पर होगा मंथन

New Delhi : आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों की तैयारियों को तेजी देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने आईटी सेल और सोशल मीडिया विभाग के प्रमुखों की एक अहम बैठक बुलाई है. शनिवार, 20 सितंबर 2026 को राजधानी दिल्ली में होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में पार्टी की डिजिटल रणनीति और सोशल मीडिया के मोर्चे पर भविष्य की रूपरेखा पर गंभीर मंथन किया जाएगा.पीएम मोदी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर रहेगा खास फोकसपार्टी सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष करेंगे. बैठक में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को घर-घर और जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आईटी सेल की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके अलावा, आने वाले चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया के जरिए जनता से जुड़ने की नई रणनीतियों पर भी विचार होगा.विरोधियों से बढ़त बनाने और गलतियों से सबक लेने की तैयारीबीजेपी पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने में जुटी है. नई आईटी टीम के गठन के बाद से पार्टी ने डिजिटल मंचों पर अपनी सक्रियता जरूर बढ़ाई है, लेकिन पिछले एक महीने में कुछ विवादित पोस्ट या वीडियो सामने आने के बाद पार्टी को असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ा था.पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का एक बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में इस तरह की तकनीकी या कंटेंट संबंधी गलतियां दोबारा न दोहराई जाएं. आईटी सेल और सोशल मीडिया प्रभारियों को यह संदेश दिया जाएगा कि डिजिटल प्रचार में ‘जोश के साथ होश’ रखना कितना जरूरी है. बैठक में जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए आकर्षक और सकारात्मक कंटेंट तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.हाइब्रिड मॉडल पर होगी बैठक, देशभर के प्रमुख होंगे शामिलइस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय आईटी टीम के अलावा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आईटी व सोशल मीडिया प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है. बैठक को सफल बनाने के लिए ‘हा हाइब्रिड मॉडल’ अपनाया गया है, जिसके तहत अधिकांश नेता भौतिक रूप से (Physically) दिल्ली में मौजूद रहेंगे, जबकि कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे.