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यूपी के गरीब बच्चों की चमकेगी किस्मत! सर्वोदय विद्यालयों का होगा ‘स्मार्ट’ कायाकल्प, योगी सरकार ने जारी किया करोड़ों का बंपर बजट, खुलेंगी हाई-टेक क्लासेज

विवेक ओझा

लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए योगी सरकार ने एक बहुत बड़ा ‘एजुकेशन मास्टरस्ट्रोक’ चला है। प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों (Sarvodaya Vidyalayas) की तस्वीर और तकदीर अब पूरी तरह से बदलने वाली है। कॉन्वेंट और महंगे प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अब इन सरकारी स्कूलों में भी गरीब बच्चे हाई-टेक और आधुनिक शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए शासन ने करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट जारी कर दिया है, जिससे इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास से लेकर अत्याधुनिक हॉस्टल तक का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू होने जा रहा है।

15 स्कूलों के लिए 15 करोड़ का ‘सुपर-बजट’: बदलेगी पूरी तस्वीर
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इन स्कूलों की दशा सुधारने और इन्हें एजुकेशन का ‘रोल मॉडल’ बनाने के लिए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। इस महा-कायाकल्प की मुख्य बातें:

  • स्मार्ट क्लासेस और डिजिटल पढ़ाई: अब सर्वोदय विद्यालयों के कमरों में केवल ब्लैकबोर्ड नहीं, बल्कि हाई-टेक स्मार्ट बोर्ड (Smart Classes) नजर आएंगे। बच्चों को ई-लर्निंग, डिजिटल कंटेंट और इंटरनेट के जरिए सीधे आधुनिक दुनिया से जोड़ा जाएगा।
  • बेहतरीन हॉस्टल और शानदार सुविधाएं: दूर-दराज से आने वाले होनहार छात्र-छात्राओं के रहने के लिए हॉस्टलों का पूरी तरह आधुनिकीकरण किया जाएगा। साफ-सुथरे हवादार कमरे, बेहतर मेस (भोजन) और शुद्ध पानी की व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा जोरदार विकास: जर्जर इमारतों की मरम्मत के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहतरीन खेल के मैदान, आधुनिक साइंस लैब और लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी। पहले चरण में 15 सर्वोदय विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है।

अमीर और गरीब की शिक्षा का मिटेगा फासला
अब तक यह माना जाता था कि स्मार्ट क्लास और बेहतरीन हॉस्टल जैसी सुविधाएं सिर्फ पैसे वालों के बच्चों के लिए हैं। लेकिन सरकार के इस बड़े कदम से अब सुदूर गांवों के बच्चे भी वैसी ही शानदार शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जैसी शहरों के बड़े प्राइवेट स्कूलों में मिलती है।

योगी सरकार का यह फैसला सिर्फ स्कूलों की इमारतें सुधारने का नहीं, बल्कि प्रदेश के उन लाखों होनहार बच्चों के सपनों में रंग भरने का एक ऐतिहासिक कदम है, जो आर्थिक तंगी के कारण हाई-टेक शिक्षा से वंचित रह जाते थे। आधुनिक सुविधाओं से लैस ये नए सर्वोदय विद्यालय अब यूपी में सरकारी शिक्षा प्रणाली का एक नया और शानदार अध्याय लिखेंगे।