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पंजाब की सियासत में गरमाया ड्रग्स का मुद्दा: चरणजीत सिंह चन्नी ने भगवंत मान और अमित शाह को घेरा, पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल

Chandigarh : पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नशीले पदार्थों (ड्रग्स) और बढ़ती गुंडागर्दी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक इंटरव्यू के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखे हमले किए हैं। चन्नी ने दो टूक कहा कि पिछले साढ़े चार साल में पंजाब के रोजमर्रा के जीवन में गैंगस्टर संस्कृति और चिट्टे (ड्रग्स) का बोलबाला खतरनाक रूप से बढ़ा है।‘चिट्टा कहां से आ रहा है और आपूर्ति क्यों जारी है?’ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की बड़ी जब्ती और ताबड़तोड़ एफआईआर के दावों पर सवाल उठाते हुए चन्नी ने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि जब्ती बढ़ी है, तो यह बड़ा सवाल है कि यह जहर लगातार कहां से आ रहा है और इसकी आपूर्ति अब तक क्यों चल रही है। अकेले जब्ती को सफलता का पैमाना नहीं माना जा सकता, बल्कि इसके पूरे सिंडिकेट और सप्लाई चेन को तोड़ना होगा। चमकौर साहिब क्षेत्र में हाल ही में एक 32 वर्षीय युवक की नशे की ओवरडोज से हुई मौत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केवल होर्डिंग्स, विज्ञापनों और राजनीतिक बयानों से ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान सफल नहीं हो सकता, इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए।पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक दखल और जवाबदेही पर प्रहारकांग्रेस सत्ता में आने पर पुलिस व्यवस्था में सबसे पहले क्या बदलाव करेगी, इस सवाल पर चन्नी ने कहा कि पंजाब को एक पेशेवर, जवाबदेह और राजनीतिक रूप से तटस्थ पुलिस बल की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि पुलिस अधिकारियों के तबादलों को ‘पॉलिटिकल मैनेजमेंट’ का साधन नहीं बनने देना चाहिए और उन्हें परिणाम देने के लिए कार्यकाल की उचित स्थिरता मिलनी चाहिए। संगठित अपराध से निपटने के लिए मजबूत खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस) और जिला स्तर पर जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और केंद्र सरकार की जिम्मेदारीकेंद्र सरकार द्वारा अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का और लुधियाना को अति संवेदनशील नशीले पदार्थों वाले क्षेत्रों की सूची में शामिल किए जाने पर चन्नी ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स रोकने की मुख्य जिम्मेदारी केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों की है। वर्ष 2021 में केंद्र ने बीएसएफ (BSF) का अधिकार क्षेत्र सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया था, ऐसे में केंद्र को स्पष्ट करना चाहिए कि बॉर्डर पर तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती रहती हैं, जबकि हकीकत यह है कि नशीले पदार्थ लगातार गांवों के युवाओं तक पहुंच रहे हैं।‘तेरी रहबरी का सवाल है…’राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के इस बयान पर कि प्रशासनिक सहायता के बिना ड्रग्स का कारोबार नहीं टिक सकता, सहमति जताते हुए चन्नी ने कहा कि बिना दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और संरक्षण के कोई भी संगठित अपराध नहीं फल-फूल सकता। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए शायराना अंदाज में कहा, “तू इधर-उधर की बात न कर, बता कि काफिला लूटा क्यों; हमें रहज़नों से गरज नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है।”