अमेरिका ने चीन के साथ AI सुरक्षा पर सूचना साझा करने की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा

नई दिल्ली ( विवेक ओझा ) : अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उपप्रधानमंत्री He Lifeng के बीच न्यूयॉर्क में हुई बातचीत में अमेरिका ने AI सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की जानकारी साझा करने के लिए एक नई व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच इस सप्ताह होने वाली बैठक में विचार के लिए रखा जा सकता है।
Bessent ने बताया कि दोनों देशों ने एक नई अमेरिका-चीन AI वार्ता शुरू करने पर चर्चा की। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऐसी AI घटनाओं की जानकारी साझा की जा सकती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर तक गंभीर खतरा पैदा करती हों।
Bessent ने कहा कि दुनिया की दो प्रमुख AI शक्तियों के बीच पारदर्शिता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, सीमा पार होने वाली अन्य गतिविधियों की तरह AI के क्षेत्र में भी अधिक जानकारी साझा करने की जरूरत है।
अमेरिकी प्रस्ताव पर चीन की स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोनों पक्षों ने AI पर बातचीत की, लेकिन प्रस्तावित सूचना साझा करने की व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई।
शिन्हुआ ने बताया कि दोनों देशों के अधिकारियों ने आर्थिक और व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर खुलकर और रचनात्मक बातचीत की। इसमें पिछली व्यापार और निवेश वार्ताओं में हुए समझौतों को लागू करने पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, आगे होने वाली AI वार्ताओं में AI के सैन्य इस्तेमाल, AI सुरक्षा के सिद्धांत, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और साइबर हमलों की रोकथाम जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे की कमी AI क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को सीमित कर सकती है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer ने कहा कि उन्नत AI चिप और सेमीकंडक्टर विनिर्माण उपकरणों से जुड़े अमेरिकी निर्यात प्रतिबंध AI तंत्र पर हुई बातचीत का हिस्सा नहीं थे।
बैठक में गैर-सामरिक वस्तुओं पर संभावित शुल्क कटौती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। मई में दोनों देशों के बीच इस प्रक्रिया की पहचान की गई थी, जिसके तहत अमेरिका और चीन कुछ ऐसी वस्तुओं की सूची तैयार करना चाहते हैं, जिन पर शुल्क कम किया जा सकता है। Greer ने कहा कि इसमें दोनों देशों की अपेक्षाकृत कम संख्या में ऐसी वस्तुएं शामिल हो सकती हैं, जिनका व्यापार संतुलित तरीके से किया जा सके और जो संवेदनशील न हों।
संभावित चीनी निर्यात में उपभोक्ता वस्तुएं और कम तकनीक वाले उत्पाद शामिल हो सकते हैं। वहीं अमेरिका की ओर से ऊर्जा, कृषि उत्पाद और चिकित्सा उपकरण संभावित श्रेणियों में हो सकते हैं। हालांकि, बातचीत में महत्वपूर्ण खनिजों की अमेरिका को आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में किसी नई प्रगति की जानकारी नहीं दी गई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की ओर से पहले किए गए वादों के बावजूद इन खनिजों की आपूर्ति अभी पर्याप्त नहीं है।