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यमुना एक्सप्रेसवे पर रूह कंपा देने वाला महा-हादसा! मौत का ‘चैंबर’ बनी चलती स्लीपर बस, 9 यात्रियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत, मची भारी चीख-पुकार

राघवेंद्र प्रताप सिंह

ग्रेटर नोएडा/उत्तर प्रदेश: रफ्तार के लिए मशहूर यमुना एक्सप्रेसवे पर एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसने पूरे देश की रूह कंपा दी है। ग्रेटर नोएडा के पास तेज रफ्तार से दौड़ती हुई एक स्लीपर बस अचानक आग का धधकता हुआ ‘गोला’ बन गई। इस खौफनाक अग्निकांड में बस के अंदर सो रहे 9 निर्दोष यात्रियों की जिंदा जलकर बेहद दर्दनाक मौत हो गई। आग की लपटें इतनी भयानक और तेज थीं कि कई यात्रियों को बस से बाहर निकलने तक का जरा भी मौका नहीं मिला और रात के अंधेरे में एक्सप्रेसवे पर भारी चीख-पुकार मच गई।

चलती बस बनी ‘श्मशान’: आखिर कैसे हुआ यह खौफनाक अग्निकांड?
अपने गंतव्य की ओर जा रही यह बस चंद ही मिनटों में राख के ढेर में तब्दील हो गई। इस रूह कंपा देने वाले हादसे की खौफनाक इनसाइड स्टोरी:

  • गहरी नींद में थे यात्री, तभी आ गई मौत: यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि बस तुरंत ही मौत के एक खौफनाक चैंबर में तब्दील हो गई। जहरीले धुएं और भयंकर लपटों के कारण यात्रियों का दम घुटने लगा और बचने के सारे रास्ते बंद हो गए।
  • खिड़कियां तोड़कर कूदे लोग, 9 जिंदगियां राख: किसी तरह खिड़कियों के शीशे तोड़कर और अपनी जान जोखिम में डालकर कुछ यात्रियों ने बाहर कूदकर खुद को बचाया, लेकिन 9 बदनसीब यात्री आग की इन खौफनाक लपटों में बुरी तरह घिर गए और चंद मिनटों में ही कंकाल में तब्दील हो गए।
  • स्लीपर बसों की सुरक्षा पर उठा सबसे बड़ा सवाल: इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की स्लीपर बसों की खस्ताहाल सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की घोर कमी और मानकों की अनदेखी पर एक बहुत बड़ा और कड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

प्रशासन में मचा हड़कंप, मुख्यमंत्री ने जताया कड़ा शोक
हादसे की भनक लगते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मुख्यमंत्री ने इस भीषण और हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित और बेहतरीन इलाज के कड़े निर्देश दिए हैं, साथ ही मामले की गहन जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह दर्दनाक और भयानक हादसा सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना नहीं, बल्कि परिवहन सुरक्षा के नाम पर चल रही भारी लापरवाही का एक खौफनाक नतीजा है। 9 निर्दोष लोगों की इस दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है। अब समय आ गया है कि सरकार स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त से सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करे और दोषी ऑपरेटरों पर कड़ा एक्शन ले, ताकि भविष्य में कोई और बस इस तरह निर्दोष यात्रियों के लिए ‘मौत का श्मशान’ न बन सके।