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महा-युद्ध की आहट! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया भीषण पलटवार, आसमान से बरसाई मौत, 10 बड़े ठिकानों को ड्रोन से किया खाक

विवेक ओझा

इस्लामाबाद/काबुल: दक्षिण एशिया में एक बार फिर भयंकर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। सीमा पर चल रही तनातनी अब सीधे तौर पर एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुकी है। अपनी आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बुरी तरह घिरे पाकिस्तान ने अब अफगानिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर एक बहुत बड़ी और विध्वंसक स्ट्राइक (हवाई हमले) को अंजाम दिया है। पाकिस्तानी सेना ने अपने घातक ड्रोनों का इस्तेमाल करते हुए अफगान सीमा के भीतर 10 अहम ठिकानों पर आसमान से आग बरसाई है, जिससे पूरे इलाके में भारी तबाही और दहशत का माहौल पैदा हो गया है।

क्यों सुलग उठा बॉर्डर और कैसे भड़की यह चिंगारी?
इस भीषण हमले के पीछे पाकिस्तान की एक गहरी और पुरानी बौखलाहट छिपी है। दरअसल, कुछ ही समय पहले पाकिस्तान ने सीधे तौर पर काबुल (तालिबान सरकार) पर यह बेहद गंभीर आरोप लगाया था कि अफगान सरजमीं का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी चौकियों पर लगातार ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। अपनी सेना की लगातार हो रही फजीहत और सीमा पार से मिल रही चुनौती से तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने उसी का बदला लेने के लिए यह खौफनाक पलटवार किया है। खुफिया रडार पर उन 10 चुनिंदा ठिकानों को चिन्हित किया गया था, जिन्हें पाकिस्तानी सेना अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मान रही थी और फिर सटीक ड्रोन हमलों से उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया गया।

तालिबान के साथ सीधे और ‘आर-पार’ के टकराव का खतरा
इस ताज़ा और आक्रामक स्ट्राइक ने डूरंड लाइन (अफगान-पाक सीमा) पर तनाव को अपने चरम पर पहुंचा दिया है। तालिबान प्रशासन, जो पहले से ही सीमा पर बाड़ लगाने और घुसपैठ को लेकर पाकिस्तान से बुरी तरह खफा चल रहा है, इस हवाई हमले को अपनी संप्रभुता पर एक सीधा हमला मान रहा है। रक्षा और कूटनीतिक जानकारों का साफ मानना है कि पाकिस्तान का यह सैन्य दुस्साहस उसे बहुत भारी पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के तुरंत बाद तालिबान लड़ाकों ने भी सीमाई इलाकों में अपने भारी हथियारों की तैनाती शुरू कर दी है, जो किसी बड़े और भयानक पलटवार का स्पष्ट संकेत है।

बारूद के ढेर पर खड़ा है पूरा इलाका
अफगानिस्तान के अंदर घुसकर की गई यह ड्रोन स्ट्राइक इस बात का खुला ऐलान है कि दोनों देशों के बीच अब किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। 10 ठिकानों के पूरी तरह से खाक होने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें तालिबान के अगले खौफनाक कदम पर टिकी हुई हैं। यह बिल्कुल साफ हो चुका है कि दोनों ही पड़ोसी देश अब एक पूर्ण और विनाशकारी युद्ध के ठीक मुहाने पर आकर खड़े हो गए हैं।