पडिक्कल-कुशाग्र ने संभाला मोर्चा, ऑस्ट्रेलिया ए के सामने जीत के लिए 363 रन का लक्ष्य
देवदत्त पडिक्कल के शानदार अर्धशतक और कुमार कुशाग्र की नाबाद 46 रन की पारी से भारत ए ने ऑस्ट्रेलिया ए के सामने पहले अनौपचारिक टेस्ट में 363 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ए ने दूसरी पारी में 23 ओवर में 55 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए अभी 308 रन और चाहिए।
भारत ए ने अपनी दूसरी पारी में 199 रन बनाए। पडिक्कल ने 59 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि कुशाग्र 46 रन बनाकर नाबाद रहे। साई सुदर्शन ने भी 39 रन का योगदान दिया। तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ए के 171 रन पर आउट होने के बाद भारत ए ने 163 रन की बढ़त के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू की।
अमन मोक्हाडे को शुरुआती दौर में लियाम स्कॉट ने पवेलियन भेज दिया। इसके बाद साई सुदर्शन और पडिक्कल ने मुश्किल पिच पर शानदार बल्लेबाजी करते हुए 68 रन की साझेदारी की।

पडिक्कल ने स्पिनरों के खिलाफ बैकफुट पर बेहतरीन शॉट खेले और लगातार बाउंड्री हासिल कीं। सुदर्शन ने भी अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन टॉड मर्फी की गेंद पर स्वीप खेलने के प्रयास में आउट हो गए। 93 रन पर एक विकेट के बाद भारत ए ने अगले चार विकेट सिर्फ 58 रन के अंदर गंवा दिए।
शेख रशीद को तनवीर सांघा ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया, जबकि यश राठौड़ को स्कॉट ने शानदार गेंद पर बोल्ड किया। स्कॉट ने पडिक्कल को भी पवेलियन भेजकर भारत ए को मुश्किल में डाल दिया। कुशाग्र ने इसके बाद निचले क्रम के साथ मिलकर तेजी से रन जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने मर्फी के खिलाफ लगातार दो छक्के भी लगाए। हालांकि, मर्फी ने निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटते हुए चार विकेट हासिल किए।

363 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अंशुल कंबोज ने कुछ गेंदें लेग साइड में बाहर निकालीं, लेकिन तुषार देशपांडे ने कैंपबेल केलावे को एलबीडब्ल्यू कर भारत ए को पहली सफलता दिलाई। सैम कोंस्टास और नाथन मैकस्वीनी ने इसके बाद धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। मैकस्वीनी 23 रन बनाकर नाबाद हैं। दिन का खेल समाप्त होने से ठीक पहले तनुष कोटियन ने कोंस्टास को आउट कर भारत ए को दूसरी सफलता दिलाई।