‘मेरे बाप का चरित्र खराब था…’, कानपुर के मशहूर कारोबारी हत्याकांड में कलयुगी बेटे का रूह कंपा देने वाला कबूलनामा, जायदाद के खौफ में खेला खूनी खेल

अभिषेक सिंह
कानपुर/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में हुए चर्चित कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक ऐसा घिनौना और स्याह सच सामने आया है, जिसने खून के रिश्तों पर से लोगों का भरोसा उठा दिया है। जिस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस शहर भर की खाक छान रही थी, उसका असली कातिल कारोबारी के अपने ही घर में छिपा बैठा था। पुलिस की कड़ी पूछताछ में जब हत्यारे के चेहरे से नकाब उतरा, तो वह कोई और नहीं बल्कि मृतक का अपना सगा बेटा निकला। बेटे ने पुलिस के सामने अपने ही पिता के कत्ल की जो खौफनाक दास्तान सुनाई है, उसने तफ्तीश कर रहे अधिकारियों के भी पसीने छुड़ा दिए।
पूछताछ कक्ष की वह खौफनाक रात और सबसे बड़ा सच
पुलिस रिमांड के दौरान जब हत्यारे बेटे को आमने-सामने बिठाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसकी आंखों में अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। उसने पुलिस को दिए अपने सनसनीखेज बयान में दो टूक कहा- ‘मेरे बाप का चरित्र बिल्कुल खराब था।’ बेटे का आरोप था कि पिता की गलत हरकतों और चाल-चलन की वजह से घर का माहौल हमेशा नरक बना रहता था। इसी पारिवारिक कलह और नफरत की आग ने उसे अपने ही पिता के खून का प्यासा बना दिया और उसने अपने हाथों से पिता को मौत की खौफनाक नींद सुला दिया।
चरित्र का बहाना या करोड़ों की दौलत का लालच?
हालांकि, पुलिस की गहरी जांच में इस हत्याकांड का सबसे बड़ा और असल मकसद कुछ और ही निकला। पिता के चरित्र पर सवाल उठाना सिर्फ एक मुखौटा था, असली खेल करोड़ों की संपत्ति और लालच का था। कड़ाई से की गई पूछताछ में बेटे की जुबान आखिरकार फिसल ही गई। उसने यह खौफनाक राज उगला कि उसे दिन-रात यह भयानक डर सता रहा था कि उसके पिता अपनी सारी जायदाद और दौलत कहीं किसी और के नाम न कर दें। संपत्ति बंट जाने या हाथ से छिन जाने के इसी खौफ ने उसकी आंखों पर लालच की ऐसी पट्टी बांधी कि उसने रिश्तों का कत्ल करने में एक पल भी नहीं सोचा।
लालच का खौफनाक अंत: अब जेल की कालकोठरी में कटेगी जिंदगी
कानपुर पुलिस ने वैज्ञानिक सबूतों और इस रूह कंपा देने वाले कबूलनामे के आधार पर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर कालकोठरी के पीछे धकेल दिया है। जायदाद की अंधी हवस का यह खौफनाक अंत समाज के लिए एक बेहद डरावना सबक है। करोड़ों की वह जायदाद जिसके लिए इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया, वह तो वहीं धरी रह गई, लेकिन एक लालची बेटे ने चंद रुपयों की खातिर अपना पूरा जीवन सलाखों के पीछे अंधेरे में झोंक दिया है। कानून अब इस कलयुगी बेटे को सख्त से सख्त सजा दिलाने की पूरी तैयारी में है।