‘जैसे मेरी बेटी सड़क पर गिड़गिड़ाई थी, दरिंदों में भी वही खौफ भर दीजिए’! जमुई कांड की पीड़िता की मां का मुख्यमंत्री के सामने छलका दर्द, कांप उठी रूह

सरिता त्रिपाठी
पटना/बिहार: बिहार के जमुई जिले में सरेआम हुए दिल दहला देने वाले छेड़खानी कांड ने पूरे सूबे की कानून-व्यवस्था में एक भयंकर भूचाल ला दिया है। न्याय की आस और दिल में गहरा दर्द लिए जब जमुई कांड की पीड़िता का परिवार राजधानी पटना पहुंचा और सीधे मुख्यमंत्री से मुलाकात की, तो वहां का माहौल आंसुओं और भारी चीख-पुकार से भर गया। एक बेबस और लाचार मां ने मुख्यमंत्री के दरबार में रोते हुए एक ऐसी दहला देने वाली और खौफनाक गुहार लगाई है, जिसने पूरे पुलिस तंत्र और प्रशासनिक ढांचे की नींद उड़ा दी है।
‘आंसुओं का सैलाब’ और एक मां की खौफनाक मांग
जब पीड़िता की मां न्याय मांगने के लिए मुख्यमंत्री के सामने खड़ी हुईं, तो उनके भीतर अपनी बेटी की इज्जत तार-तार होने का अथाह दर्द साफ छलक रहा था। अपनी मासूम बेटी पर हुए उस खौफनाक जुल्म को याद करते हुए उन्होंने रुंधे गले से कहा- “जिस तरह मेरी मासूम बेटी सड़क पर उन दरिंदों के सामने अपनी इज्जत बचाने के लिए रो रही थी और गिड़गिड़ा रही थी, मैं चाहती हूं कि सरकार और पुलिस उन बदमाशों के भीतर भी ठीक वैसा ही खौफ और मौत का डर पैदा करे।” मां के इन शब्दों ने यह साफ कर दिया कि सूबे में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके थे और अब उन्हें कुचलने का समय आ गया है।
शासन का कड़ा ‘महा-एक्शन’, पुलिस के एक्शन की हुई तारीफ
इस झकझोर देने वाले जमुई कांड पर बिहार सरकार अब अपराधियों के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ (बिना किसी रियायत के कड़ा एक्शन) की सबसे कठोर नीति पर उतर आई है। सूबे के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अपराधियों की कमर तोड़ने का साफ ऐलान कर दिया है। उप-मुख्यमंत्री ने दरिंदों को पाताल से ढूंढ निकालने और उन्हें सलाखों के पीछे धकेलने के लिए बिहार पुलिस की ताबड़तोड़ और आक्रामक कार्रवाई की जमकर तारीफ की है। सरकार ने यह खुला और कड़ा संदेश दे दिया है कि बिहार की बेटियों की तरफ बुरी आंख उठाने वाले किसी भी दरिंदे को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अब होगा ‘सीधा और पक्का’ इंसाफ
जमुई की उस मासूम बेटी के आंसुओं ने पूरे बिहार के प्रशासनिक महकमे में एक भयंकर ज्वाला भड़का दी है। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और पुलिस के आक्रामक एक्शन के बाद अब यह तय हो चुका है कि उन मनचलों और दरिंदों के लिए बचने के सारे रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। एक बेबस मां की यह मार्मिक गुहार अब बिहार पुलिस के लिए एक सीधा और कड़ा आदेश बन चुकी है- समाज के दुश्मनों में ऐसा खौफ पैदा करना, जिसकी मिसाल आने वाले कई दशकों तक दी जाएगी।