पश्चिम बंगाल में ‘जंगलराज’ का खौफनाक नंगा नाच! रैली में जा रहे विधायक कुणाल घोष की कार पर जानलेवा हमला, ममता बनर्जी ने लगाया सबसे गंभीर आरोप

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
हुगली जिले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक अहम जनसभा में शामिल होने जा रहे सत्ताधारी दल के विधायक कुणाल घोष के काफिले पर बीच सड़क पर बेहद आक्रामक और सुनियोजित हमला किया गया है। काले झंडे, पत्थरों और अंडों से हुए इस खतरनाक प्रहार के बाद बंगाल की राजनीति में भयंकर भूचाल आ गया है और सत्ता-विपक्ष के बीच एक बार फिर सीधी और खूनी जंग छिड़ गई है।
पश्चिम बंगाल की खूनी और हिंसक राजनीति का एक और बेहद खौफनाक और डरावना चेहरा शनिवार को पूरी दुनिया के सामने आ गया है। राज्य के हुगली जिले में उस वक्त एक बड़ा और भयंकर बखेड़ा खड़ा हो गया, जब सत्ताधारी पार्टी (टीएमसी) के विधायक और कद्दावर नेता कुणाल घोष की गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उस पर ताबड़तोड़ और जानलेवा हमला कर दिया गया। यह पूरी तरह से बेखौफ और खौफनाक हमला उस समय हुआ, जब कुणाल घोष श्रीरामपुर इलाके में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक विशाल रैली में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। उत्तरपाड़ा इलाके से गुजरते वक्त अचानक काले झंडे लिए एक भारी और उग्र भीड़ ने उनकी कार को चारों तरफ से बुरी तरह घेर लिया और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनकी गाड़ी पर ईंट-पत्थर और अंडे बरसाने शुरू कर दिए। इस खौफनाक हमले में गाड़ी का पिछला शीशा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया, जिससे इलाके में भारी दहशत और खलबली मच गई।
इस जानलेवा और आक्रामक हमले के बाद कुणाल घोष ने बेहद गुस्से में उबलते हुए सीधे पुलिस और प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर सबसे बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरी घटना को राज्य में खुलेआम चल रहा ‘जंगलराज’ करार दिया है। घोष ने आरोप लगाया है कि जब उनकी गाड़ी पर यह खौफनाक और हिंसक हमला हो रहा था, तब उन्हें बचाने के लिए वहां सुरक्षा का एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। अपराधियों को मिली इस खुली छूट ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। अपनी जान को खतरे में देख कुणाल घोष ने बीच रास्ते से ही अपना काफिला वापस मोड़ लिया और वे सीधा भवानी भवन और लालबाजार पुलिस मुख्यालय में इस खौफनाक साजिश की कड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए निकल पड़े। इस दिल दहला देने वाली घटना ने यह साबित कर दिया है कि जब सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।
इस भयंकर और हिंसक हमले ने बंगाल के सियासी गलियारों में एक नया और विनाशकारी ज्वालामुखी फोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना सबसे उग्र और रौद्र रूप दिखाते हुए विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा और मारक प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने साफ और कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि यह कोई आम जनता का गुस्सा नहीं, बल्कि उनकी पार्टी की रैलियों और जनसभाओं को हिंसक तरीके से कुचलने और रोकने की एक बहुत बड़ी, गहरी और सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। उनकी पार्टी के नेताओं का भी सीधा दावा है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पहले से घात लगाकर इस कायरतापूर्ण हमले को अंजाम दिया है, ताकि सत्ताधारी दल के नेताओं में भारी खौफ और मौत का डर पैदा किया जा सके।
दूसरी तरफ, इस पूरे महा-बवाल पर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने सबसे आक्रामक तेवर दिखाते हुए सत्ताधारी दल के इन सभी संगीन दावों को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है। उत्तरपाड़ा से स्थानीय भाजपा विधायक ने इस पूरे वाकये को आम जनता का ‘स्वतः स्फूर्त और उबलता हुआ गुस्सा’ करार दिया है। उनका साफ कहना है कि बंगाल की जनता अब सत्ताधारी दल के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी से पूरी तरह उब चुकी है और सड़क पर हुआ यह खौफनाक हमला उसी दबे हुए आक्रोश का एक भयानक रूप है। इन तमाम तीखे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि बंगाल की धरती पर राजनीतिक वर्चस्व की यह खौफनाक और खूनी जंग आने वाले दिनों में और भी ज्यादा उग्र, हिंसक और विनाशकारी होने वाली है।