Trending

‘देश के खिलाफ राजद्रोह कर रहा है चुनाव आयोग’! प्रियंका गांधी का महा-विस्फोट, मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी और कानूनी ढाल खत्म करने की कड़क मांग

अभिषेक सिंह

चुनाव आयोग में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद को लेकर कांग्रेस ने अपने तेवर सबसे ज्यादा आक्रामक कर लिए हैं। पार्टी की तेजतर्रार नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उनके इस्तीफे की सबसे कड़ी और खौफनाक मांग कर दी है।

देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था ‘चुनाव आयोग’ के खिलाफ विपक्ष का गुस्सा अब एक विनाशकारी ज्वालामुखी का रूप ले चुका है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब कांग्रेस की दिग्गज नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी चुनाव आयोग और उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ सबसे बड़ा और आर-पार का मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को केरल में एक बेहद आक्रामक और तीखे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रियंका ने साफ और कड़े शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पूरी तरह से एक ‘राजद्रोही’ की तरह काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रियंका का यह महा-हमला उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें यह दावा किया गया था कि एसआईआर (मतदाता सूची का डिजिटल संशोधन) के जरिए देश भर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से काट दिए गए हैं।

प्रियंका ने इस पूरे विवाद की जड़ यानी चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण (ढाल) पर भी सबसे करारा और तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार ने जानबूझकर चुनाव आयुक्तों को कानूनी मुकदमों से बचाने के लिए यह मजबूत ढाल दी है, ताकि वे बिना किसी खौफ और जवाबदेही के चुनाव प्रक्रिया में मनमानी धांधली कर सकें। प्रियंका ने दहाड़ते हुए मांग की है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को मिला यह विशेष कानूनी संरक्षण तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाना चाहिए। उनका स्पष्ट मानना है कि अगर कोई भी अधिकारी देश के लोकतंत्र और संविधान के साथ इस तरह का जघन्य और आपराधिक खिलवाड़ करता है, तो उसे आम अपराधियों की तरह बिना किसी ढाल के सीधे कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।

अपनी बात को और धार देते हुए प्रियंका ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस बात की पूरी और पक्की जानकारी थी कि उनकी नाक के नीचे मतदाता सूची के साथ इतना बड़ा और खौफनाक खेल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जब चुनाव आयोग के अन्य सहयोगी अधिकारियों ने कम से कम 14 बार इस धांधली की ओर उनका ध्यान खींचा, तो उन्होंने जानबूझकर उसे अनसुना कर दिया ताकि एक पक्षपाती और झूठा चुनाव कराया जा सके। प्रियंका ने इसे भारत के 13 करोड़ मतदाताओं के पवित्र अधिकारों की खुलेआम ‘चोरी’ करार दिया है। उन्होंने ‘इंडिया ब्लॉक’ (विपक्षी गठबंधन) की एकता का हवाला देते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस बात पर एकमत है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

निष्कर्ष के तौर पर यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि चुनाव आयोग पर लगे धांधली के ये गंभीर और विस्फोटक आरोप अब भारत की राजनीति में एक बहुत बड़े भूचाल का कारण बन चुके हैं। प्रियंका गांधी के इन आक्रामक और खौफनाक बयानों ने सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग पर दबाव को उसकी चरम सीमा पर पहुंचा दिया है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और अहम होगा कि देश की न्यायपालिका और सरकार विपक्ष की इस महा-विनाशकारी मांग पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि अगर ये आरोप सच साबित हुए तो यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला और डरावना अध्याय बन जाएगा।