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संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का कूटनीतिक प्रहार: विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को बताया ‘आतंकवाद का निरंतर अपराधी’, सिंधु जल संधि पर भी दिया कड़ा जवाब

विवेक ओझा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के वैश्विक मंच से भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के झूठे दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना चुका है, उसे भारत के साथ किसी भी समझौते या रियायत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के इक्यासीवें सत्र को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर अब तक का सबसे तीखा और कूटनीतिक प्रहार किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर दिए गए भड़काऊ भाषण का मुंहतोड़ जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का निरंतर अपराधी’ करार दिया। उन्होंने पूरे वैश्विक समुदाय के सामने कड़े शब्दों में कहा कि एक ऐसा देश जो लगातार आतंकवाद का अभ्यास कर रहा है और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है, उसके द्वारा रखे गए बेबुनियाद तर्क इस पवित्र मंच पर बिल्कुल नहीं टिकेंगे। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद फैलाकर उसके परिणामों से बचने की पाकिस्तान की यह पुरानी आदत अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सिंधु जल संधि और द्विपक्षीय संबंधों पर पाकिस्तान द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर भी विदेश मंत्री ने भारत का रुख बिल्कुल पारदर्शी और सख्त कर दिया है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि ‘दोस्ती और आतंकवाद कभी भी एक साथ नहीं चल सकते’। उनका यह स्पष्ट और तीखा संदेश था कि अगर कोई देश सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो उसके साथ हुए किसी भी पुराने समझौते या सहमति पर स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होंगे। जयशंकर ने पाकिस्तान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का भारत पूरी ताकत के साथ इस्तेमाल करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने आचरण को सुधारने की पूरी जिम्मेदारी अब उस देश की है जो दशकों से आतंकवाद को पाल-पोस रहा है।

अपने इस आक्रामक और बेहद मारक संबोधन में भारत ने वैश्विक शक्तियों से भी आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाने का कड़ा आह्वान किया। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को धन मुहैया कराने वाले पूरे तंत्र को बेनकाब करके उसे तुरंत नष्ट किया जाना चाहिए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए भारत पर जो भी झूठे आरोप लगाए थे, उन्हें खारिज करते हुए भारत ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों के छद्म युद्ध से भारत न तो कभी डरा है और न ही भविष्य में कभी झुकेगा। कूटनीतिक मंच पर हुई इस आमने-सामने की तीखी जंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत अब पाकिस्तान के साथ आतंकवाद और बातचीत के दोहरे खेल को पूरी तरह से खत्म कर चुका है।