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उज्जैन में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान भारी बवाल, भीड़ के पथराव के बाद पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

राघवेंद्र प्रताप सिंह

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक धार्मिक स्थल के आसपास कथित अवैध निर्माण हटाने गई प्रशासनिक टीम का स्थानीय लोगों ने उग्र विरोध किया। हिंसक हुई भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में अतिक्रमण हटाने और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी एक प्रशासनिक मुहिम के दौरान भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीम जब भारी पुलिस बल के साथ एक पुराने धार्मिक स्थल (शाही मस्जिद) के आसपास के कथित अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची, तो वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस प्रशासनिक कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसने देखते ही देखते एक हिंसक रूप ले लिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शहर के सुनियोजित विकास और यातायात को सुगम बनाने के लिए पहले से तय योजना का हिस्सा थी, जिसके लिए संबंधित पक्षों को पूर्व में विधिवत कानूनी नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन स्थानीय लोग इस कार्रवाई को रोकने की मांग पर अड़े रहे।

कार्रवाई को बीच में ही रोकने की मांग पर अड़ी भीड़ जब उग्र हो गई, तो कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रशासनिक टीम और सुरक्षा में लगे पुलिस बल पर अचानक भारी पथराव शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले में कुछ पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को हल्की चोटें आने की भी खबर है। स्थिति को तेजी से बेकाबू होता देख और सरकारी मशीनरी को नुकसान से बचाने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। शुरुआत में पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए भीड़ को शांतिपूर्ण तरीके से वहां से हट जाने की कई बार चेतावनी दी, लेकिन जब पथराव नहीं रुका और हालात बिगड़ने लगे, तो पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा। उग्र और हिंसक भीड़ को पीछे धकेलने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले दागे, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और प्रदर्शनकारी गलियों की तरफ भागने लगे।

इस हिंसक घटना के बाद ऐहतियात के तौर पर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शहर के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद हैं और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति व्यवस्था पूरी तरह से बहाल करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की टुकड़ियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। पुलिस महकमे ने यह स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले और सरकारी काम में बाधा डालकर जानलेवा हमला करने वाले उपद्रवियों की वीडियो फुटेज के जरिए बारीकी से पहचान की जा रही है, और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन पूरी तरह से पुलिस के नियंत्रण में है। प्रशासन ने सभी आम नागरिकों से घरों में रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है।