अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: ड्रोन से अमरूद के बाग में गिराई जाती थी हेरोइन, पत्नी करती थी सप्लाई

अभिषेक सिंह
पंजाब में अटारी सीमा के निकट एक बड़े तस्कर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप भेजी जा रही थी, जिसे ठिकाने लगाने के लिए एक दंपति ने बेहद शातिर तरीका अपनाया हुआ था।
पंजाब के अमृतसर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक बड़े मादक पदार्थ और हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अटारी सीमा के निकट सक्रिय यह गिरोह सीधे तौर पर सीमा पार से संचालित हो रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के इशारे पर तस्करों द्वारा भारत में नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप भेजने के लिए मानव रहित विमानों (ड्रोन) का सहारा लिया जा रहा था। तस्करों ने सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक बेहद सुनियोजित तरीका अपनाया हुआ था, जिसके तहत सीमा पार से आने वाले ड्रोन हेरोइन और एके-सैंतालीस जैसे घातक हथियारों की खेप को रात के अंधेरे में एक अमरूद के बाग में सटीकता से गिराते थे। इस बाग को तस्करों ने अपने सुरक्षित ठिकाने के रूप में चुना था ताकि किसी को इस गुप्त गतिविधि पर शक न हो।
इस तस्करी नेटवर्क को चलाने में एक स्थानीय तस्कर और उसकी पत्नी की भूमिका सबसे प्रमुख पाई गई है। योजना के अनुसार, ड्रोन द्वारा अमरूद के बाग में खेप गिराए जाने के बाद मुख्य आरोपी उसे वहां से इकट्ठा करता था। इसके बाद इन नशीले पदार्थों और हथियारों को सुरक्षित तरीके से आगे के तस्करों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उसकी पत्नी की होती थी। पुलिस की सघन जांच और नाकेबंदी से बचने के लिए महिला अपनी दोपहिया गाड़ी (एक्टिवा) का इस्तेमाल करती थी। एक महिला होने और सामान्य दोपहिया वाहन पर सवार होने के कारण वह पुलिस की जांच चौकियों से आसानी से निकल जाती थी और हेरोइन को शहर के विभिन्न इलाकों में ठिकाने लगा देती थी। यह शातिर तरीका लंबे समय से काम कर रहा था, लेकिन खुफिया तंत्र को इसकी भनक लगने के बाद इस पूरे नेटवर्क की कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों को जब इस गिरोह की गतिविधियों की पुख्ता जानकारी मिली, तो उन्होंने एक विशेष अभियान चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। पुलिस और सीमा सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में तस्करों के ठिकाने पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में हेरोइन, हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों ने आरोपी दंपति को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय गुर्गों की पहचान की जा सके। यह पूरी कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल सीमा पार से हो रही हथियारों और नशे की आपूर्ति को बड़ा झटका लगेगा, बल्कि मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े स्थानीय तंत्र को भी पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने में मदद मिलेगी।