भारत की गोल्डन हैट्रिक नहीं, सातवें स्वर्ण की दस्तक; तीरंदाज बेटियों ने बढ़ाया गौरव
एशियन गेम्स 2026 में बुधवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्णिम शुरुआत लेकर आया। भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने असाधारण और अचूक निशानेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए देश की झोली में 7वां स्वर्ण पदक डाल दिया। महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने मजबूत प्रतिद्वंद्वी चीन को 238-234 के अंतर से हराया।
इस जीत के साथ ही भारत ने न केवल लगातार दूसरी बार इस इवेंट का एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया, बल्कि 238 अंकों का विशाल स्कोर खड़ा कर महिला कंपाउंड टीम के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। टीम की स्टार खिलाड़ी ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप ने खिताबी भिड़ंत में एक भी निशाना मिस नहीं किया और लगातार परफेक्ट स्कोर हासिल किए। युवा खिलाड़ी चिकिता तनिपार्थी ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ उनका साथ दिया।
भारतीय महिलाओं ने 238 अंक बटोरे, जो अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी में महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा के मौजूदा विश्व रिकॉर्ड के बराबर है। फाइनल में पहुंचने का सफर भी बेहद रोमांचक रहा। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत की टक्कर इस खेल के सिरमौर माने जाने वाले दक्षिण कोरिया से हुई थी।

बेहद कड़े मुकाबले में भारतीय टीम ने अंतिम पलों में 234-233 से कोरियाई टीम को एक अंक के अंतर से बाहर का रास्ता दिखाया था। सेमीफाइनल के निर्णायक दौर में चिकिता और पृथिका ने 10-10, जबकि ज्योति ने 9 अंक का सटीक निशाना लगाकर फाइनल का टिकट पक्का किया था। भारत अब पदक तालिका में शीर्ष-10 में शामिल होकर 9वें स्थान पर आ गया है। इस सातवें गोल्ड मेडल के साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 53 हो गई है, जिसमें 7 स्वर्ण, 21 रजत, 25 कांस्य।