एशियन गेम्स में भारतीय टेनिस का निराशाजनक अंत, 40 साल बाद खाली हाथ लौटी टीम

सुमित नागल के क्वार्टर फाइनल में हारने के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत का टेनिस अभियान निराशाजनक अंदाज में समाप्त हो गया। गुरुवार को हिगाशियामा पार्क टेनिस सेंटर में खेले गए पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में नागल को चीन के वू यिबिंग के खिलाफ सीधे सेटों में 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत के हाथ इस बार टेनिस में एक भी पदक नहीं आया।

यह 1986 के बाद पहला मौका है, जब भारतीय टेनिस टीम एशियन गेम्स से बिना पदक जीते लौटेगी। नागल की पहली सर्विस भी उनके लिए परेशानी का कारण बनी। उन्होंने पहली सर्विस पर 62 प्रतिशत और दूसरी सर्विस पर 59 प्रतिशत अंक जीते, लेकिन मुकाबले के दौरान उनकी सर्विस तीन बार टूटी। नागल से पहले सुरेश दक्षिणेश्वर भी पुरुष एकल के राउंड ऑफ 16 में बाहर हो चुके थे। उन्हें चीनी ताइपे के त्सेंग चुन-हसिन ने 6-3, 6-4 से हराया था।

भारत के लिए पुरुष डबल्स में भी यह एशियन गेम्स निराशाजनक रहा। 1998 के बाद पहली बार भारतीय टीम इस स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीत सकी। युकी भांबरी-दक्षिणेश्वर सुरेश और अनिरुद्ध चंद्रशेखर-एन श्रीराम बालाजी की जोड़ियां क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं।

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भांबरी और सुरेश को चीनी ताइपे के रे हो और सू यू-ह्सियू ने क्वार्टर फाइनल में शिकस्त दी। वहीं, बालाजी और अनिरुद्ध को चीन के जियांग फुमिन और झांग तियानहुई के खिलाफ रोमांचक टाई-ब्रेक मुकाबले में हार मिली। महिला डबल्स में भी भारत की चुनौती पहले दौर से आगे नहीं बढ़ सकी। अंकिता रैना और रुतुजा भोसले को कजाकिस्तान की अन्ना डैनिलिना और यूलिया पुतिनत्सेवा ने हराकर बाहर कर दिया।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारतीय जोड़ियां पदक की दौड़ में आगे नहीं बढ़ सकीं। युकी भांबरी और रुतुजा भोसले को राउंड ऑफ 16 में चीनी ताइपे के ह्सिएह सु-वेई और त्सेंग चुन-हसिन ने हराया। वहीं, एन श्रीराम बालाजी और अंकिता रैना की जोड़ी राउंड ऑफ 32 में हांगकांग, चीन के यूडिस चोंग और कैरन थॉम्पसन से हार गई। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारत टेनिस की किसी भी स्पर्धा में पदक हासिल नहीं कर सका।

भारत ने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में टेनिस में दो पदक जीते थे। रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले ने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था, जबकि रामकुमार रामनाथन और साकेत मायनेनी की जोड़ी ने पुरुष डबल्स में रजत पदक जीता था।