‘अपनी सोच को सीमित न करें’, टी20 सीरीज से पहले श्रेयस अय्यर का खिलाड़ियों को संदेश
भारतीय टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी-20 सीरीज से पहले टीम की रणनीति और खिलाड़ियों से अपनी अपेक्षाओं को लेकर खुलकर बात की। अय्यर का मानना है कि टीम में लगातार प्रयोग करने के बजाय पहले सीरीज जीतने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बाहरी दबाव से दूर रहकर अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करने की सलाह दी।
जियोस्टार के कार्यक्रम ‘फॉलो द ब्लूज: सरपंच श्रेयस’ में अय्यर ने कहा कि खिलाड़ियों को निडर होकर खेलना चाहिए और अपनी सोच या खेलने के तरीके को सीमित नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, जब खिलाड़ी अपनी स्वाभाविक सोच को रोकने लगते हैं तो मैदान पर उनकी वास्तविक क्षमता सामने नहीं आ पाती।
अय्यर ने कहा कि बाहरी अपेक्षाओं की तुलना में खिलाड़ियों का खुद पर भरोसा ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार टीम के सदस्य एक-दूसरे की स्थिति और सोच को बेहतर तरीके से समझते हैं, इसलिए अच्छे और बुरे दोनों दौर में एक-दूसरे का साथ देना जरूरी है। मुश्किल समय में टीम के हर खिलाड़ी को अपने साथी के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।

अपनी बल्लेबाजी की रणनीति के बारे में अय्यर ने कहा कि वह मैच की परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल तय करना पसंद करते हैं। अगर उन्हें पावरप्ले में बल्लेबाजी का मौका मिलता है तो वह क्षेत्ररक्षण प्रतिबंधों का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश उनकी बल्लेबाजी का हिस्सा रही है। अय्यर के मुताबिक, रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलने के समय से ही उनकी सोच ऐसी रही है। एक बार क्रीज पर जमने के बाद उनका प्रयास रहता है कि उनके बाद आने वाले बल्लेबाजों के लिए मजबूत मंच तैयार हो।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर अय्यर ने बताया कि दोनों के बीच बातचीत सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहती। उन्होंने कहा कि वैभव से मैदान के बाहर की जिंदगी, परिवार और उसकी पसंद-नापसंद को लेकर भी बात करते हैं, क्योंकि आमतौर पर हर कोई उससे क्रिकेट के बारे में ही बात करता है।
अय्यर के मुताबिक, ऐसी बातचीत से वैभव अधिक सहज महसूस करता है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को शांत स्वभाव का बताया, जबकि मैदान पर उसका अंदाज बेहद आक्रामक है। अय्यर ने भरोसा जताया कि भारतीय टीम में वैभव को जब भी पूरा मौका मिलेगा, वह अपनी छाप जरूर छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल टीम में विश्व कप विजेता सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं, लेकिन वैभव 15 सदस्यीय दल का हिस्सा है और सही समय आने पर वह भारतीय क्रिकेट पर अपना प्रभाव डालेगा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज को लेकर अय्यर ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता सीरीज जीतना है। इसके बाद ही टीम संयोजन में प्रयोग किए जाएंगे। उनका मानना है कि शुरुआत से ही लगातार प्रयोग करने पर खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
अय्यर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के मन में यह सवाल रहने लगे कि उसे अगला मैच खेलने का मौका मिलेगा या नहीं, तो वह दुविधा में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी मानसिकता पसंद नहीं है, क्योंकि वह खुद इस स्थिति से गुजर चुके हैं और जानते हैं कि अंदर से कैसा महसूस होता है।
शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की है। अब टी-20 की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर से खेला जाएगा।