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युवाओं के रोजगार में सेंध लगाने वालों की संपत्ति होगी ज़ब्त, जाएंगे कारागार: मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार

अगले छह माह में एक लाख नौजवानों को मिलेगी सरकारी नौकरी; ‘एक जनपद एक माफिया’ से ‘एक जनपद एक चिकित्सा महाविद्यालय’ तक उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक बदलाव

राघवेंद्र प्रताप सिंह

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रोजगार, सुरक्षा, सुशासन और राज्य के सर्वांगीण विकास के मुद्दे पर अत्यंत कड़ा, स्पष्ट और निर्णायक रुख अख्तियार किया है। भदोही जनपद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट तत्वों को खुली और अत्यंत सख्त चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति नौजवानों की नौकरी में सेंध लगाएगा, वह सीधा कारागार (जेल) जाएगा और उसकी पूरी संपत्ति कुर्क (ज़ब्त) कर ली जाएगी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों और विशेषकर मुख्य विपक्षी दल पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व में युवाओं की नौकरियों में खुलेआम डकैती डाली जाती थी, लेकिन अब ऐसा करना पूर्णतः असंभव है।

राज्य सरकार की रोजगार सृजन और युवा कल्याण की कटिबद्धता को मंच से दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक बहुत बड़ी घोषणा की। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान सरकार ने अब तक नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इसके साथ ही, उन्होंने एक नई और महात्वाकांक्षी समय-सीमा की घोषणा करते हुए कहा कि अगले छह महीनों के भीतर राज्य सरकार एक लाख और नौजवानों को सरकारी नौकरी प्रदान करने जा रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर एक कड़ा और असंदिग्ध संदेश देते हुए उन्होंने असामाजिक तत्वों को चेताया कि जो कोई भी प्रदेश की बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करेगा, उसके लिए कारागार और जहन्नुम (नर्क) के द्वार हमेशा खुले रहेंगे।

पूर्व की सरकारों की कार्यप्रणाली की अत्यंत कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न बिजली थी, न सड़कें थीं और पुलिस भर्ती पर भ्रष्ट गिरोहों का पूरी तरह से कब्जा हुआ करता था। उन्होंने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले धार्मिक स्थलों के धन का कब्रिस्तान के नाम पर बंदरबांट किया जाता था, गरीब को राशन नहीं मिलता था और किसान को पानी तक नसीब नहीं होता था। उनके अनुसार, राज्य एक ‘बीमारू’ प्रदेश बन गया था जो अपनी पहचान के लिए पूरी तरह मोहताज था। परंतु आज स्थिति में एक अभूतपूर्व परिवर्तन आ चुका है। उन्होंने अत्यंत गर्व के साथ कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान ‘एक जनपद एक माफिया’ से बदलकर ‘एक जनपद एक चिकित्सा महाविद्यालय’ हो गई है।

भदोही के स्थानीय विकास और आधारभूत ढांचे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि जनपद संत रविदास नगर भदोही में ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ की स्थापना हो चुकी है और अब आने वाले समय में यहां एक अत्याधुनिक चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण की वैधानिक कार्यवाही भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान पर बात करते हुए कहा कि आज दोहरे इंजन वाली सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, व्यापार और निर्यात की बेहतरीन और सुलभ सुविधाएं प्रदान कर रही है। कालीन व्यापार मेले जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से उनके स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक नई और सशक्त मान्यता मिल रही है।

‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आज बिना किसी भेदभाव के हर गरीब, युवा, महिला, कारीगर और श्रमिक को कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ की अभूतपूर्व सफलता के पश्चात, अब राज्य सरकार ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना भी लागू कर रही है, जिसके अंतर्गत जौनपुर की इमरती जैसे स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मजबूत इंतजाम किया जा रहा है[cite: 65]। मुख्यमंत्री ने अपने ओजस्वी उद्बोधन के अंत में कहा कि आज उत्तर प्रदेश के नौजवानों का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है, और अब कोई भी बाहरी व्यक्ति उन्हें अपमानजनक दृष्टि से नहीं देख सकता, बल्कि वे पूर्ण सम्मान के साथ सिर उठाकर चल रहे हैं।