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भदोही को मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक सौगात: ‘काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय’ को मिली ‘विश्वविद्यालय’ की आधिकारिक मान्यता

जनपद के युवाओं को अब ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय, संत रविदास नगर’ के नाम से मिलेगी उपाधि; विधान परिषद चुनावों के पश्चात होगा भव्य शिलान्यास एवं लोकार्पण

राघवेंद्र प्रताप सिंह
भदोही

उत्तर प्रदेश के कालीन नगरी के रूप में वैश्विक स्तर पर विख्यात भदोही जनपद के शिक्षा जगत के लिए एक अत्यंत ही ऐतिहासिक, गौरवशाली और स्वर्णिम अध्याय का आरंभ हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही के निवासियों और विशेषकर उच्च शिक्षा की आकांक्षा रखने वाले युवाओं की दशकों पुरानी मांग को पूर्ण करते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक रूप से यह घोषित किया है कि भदोही स्थित ‘काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय’ को अब प्रोन्नत करके ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ के रूप में पूर्ण और आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह युगांतरकारी निर्णय न केवल भदोही बल्कि आस-पास के संपूर्ण ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए उच्च शिक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ी और परिवर्तनकारी शैक्षिक क्रांति सिद्ध होगा।

इस अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय की पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि यह इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आम जनमानस की एक लंबे समय से लंबित और बहुप्रतीक्षित मांग थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि राज्य सरकार ने इससे पूर्व समीपवर्ती मिर्जापुर जनपद में ‘मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय’ की स्थापना कर दी थी, जिससे विंध्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को अत्यंत लाभ मिल रहा था, परंतु भदोही के स्थानीय जनप्रतिनिधियों का यह दृढ़ आग्रह था कि उनके अपने जनपद की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय आवश्यकता को देखते हुए यहां भी एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय होना अत्यंत आवश्यक है। इसी पुनीत जन-आकांक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, मुख्यमंत्री ने अपनी पिछली भदोही यात्रा के दौरान जनता से यह सार्वजनिक वादा किया था कि वे इस जनपद को एक विश्वविद्यालय अवश्य देंगे। आज उस संकल्प को यथार्थ में परिवर्तित करते हुए उन्होंने काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को पूर्ण विश्वविद्यालय का वैधानिक दर्जा प्रदान कर दिया है।

इस नव-स्थापित विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, अधिकार क्षेत्र और भविष्य की योजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए यह बताया गया है कि भदोही जनपद के प्रत्येक महाविद्यालय को इस नए विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा और सकारात्मक प्रतिमान स्थापित करेगा। अब इस जनपद के जो भी नौजवान उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे, उन्हें जो शैक्षणिक उपाधि प्राप्त होगी, वह सीधे ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय, संत रविदास नगर, भदोही’ के नाम से ही प्रदान की जाएगी। यह स्थानीय युवाओं के लिए अत्यंत गौरव और आत्मसम्मान का विषय है कि उनकी बौद्धिक पहचान अब उनके अपने जनपद के उच्च शिक्षण संस्थान से होगी। सरकार इस नई संस्था में अध्ययन, अनुसंधान और अध्यापन की सर्वोत्तम और उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण रूप से कटिबद्ध है, ताकि यहां के मेधावी छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने हेतु अन्य महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े।

वर्तमान समय में किसी भव्य उद्घाटन समारोह के आयोजन न किए जाने का मुख्य कारण स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में विधान परिषद के चुनाव गतिमान हैं। इस अत्यंत महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनपद के सभी सम्मानित शिक्षक और युवा पूरे उत्साह और तन्मयता के साथ लगे हुए हैं। निर्वाचन की इस राष्ट्रव्यापी व्यस्तता और आदर्श आचार संहिता के सम्मान को ध्यान में रखते हुए ही अभी इस विश्वविद्यालय का कोई बड़ा और औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है।

अपने ओजस्वी संबोधन के समापन में, मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की देवतुल्य जनता को यह पूर्ण और दृढ़ आश्वासन दिया है कि विधान परिषद चुनावों के सफलतापूर्वक संपन्न होने के पश्चात, वे स्वयं एक विशेष और भव्य कार्यक्रम के लिए भदोही पधारेंगे। उस आगामी भव्य समारोह में इस नव-स्थापित ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। उसी ऐतिहासिक दिन विश्वविद्यालय के नए और सर्वसुविधायुक्त आधुनिक भवनों के निर्माण का शिलान्यास भी पूरे विधि-विधान से संपन्न होगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक और वैचारिक पहचान को सुदृढ़ करने के लिए इसके ‘कुल गीत’ और ‘ध्येय गीत’ को भी आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय भदोही के समग्र विकास, बौद्धिक समृद्धि और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक अत्यंत सशक्त और मुख्य आधार स्तंभ बनेगा।