ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी से चीन में बढ़ी दिलचस्पी, आईसीसी बनाएगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी का असर अब उन देशों में भी दिखाई देने लगा है, जहां इस खेल की लोकप्रियता सीमित रही है। चीन में क्रिकेट के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने देश में खेल के विकास के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। आईसीसी चीन क्रिकेट संघ (सीसीए) के साथ मिलकर टियर-2 प्रतियोगिता आयोजित करने के अलावा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में भी सहयोग करेगा।
आईसीसी मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा कि चीन में क्रिकेट को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और महिला क्रिकेट के विकास पर जोर देना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका मानना है कि चीन में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं और आईसीसी वहां अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
गुप्ता ने एक समाचार एजेंसी से कहा कि चीन क्रिकेट संघ ने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद आईसीसी अकादमी की तर्ज पर देश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की इच्छा जताई है। इसके जरिए खिलाड़ियों के विकास की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी। आईसीसी इस परियोजना में चीन क्रिकेट संघ का सहयोग करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सीसीए ने आईसीसी की मदद से यूएई में आईसीसी अकादमी की तर्ज पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की है, ताकि खिलाड़ियों के विकास में तेजी लाई जा सके। आईसीसी का समर्थन चीन में इस खेल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।’’
गुप्ता के मुताबिक, ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी ने कई ऐसे देशों का ध्यान इस खेल की ओर खींचा है, जो अब तक इसे नजरअंदाज करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी से वे देश भी इस खेल से जुड़ना चाहते हैं जिन्होंने अभी तक इसे नजरअंदाज किया था।’’
चीन के 22 प्रांतों में से नौ में फिलहाल क्रिकेट खेला जाता है। आईसीसी को उम्मीद है कि अगर क्रिकेट को चीन के राष्ट्रीय खेलों में शामिल किया जाता है तो इससे देश में इस खेल की पहुंच और लोकप्रियता दोनों बढ़ सकती हैं। इसके अलावा एशियाई खेलों में क्रिकेट की मौजूदगी भी चीन में इस खेल के विकास को गति देने में मददगार साबित हो सकती है।