सूर्यवंशी को मिलेगा एक और मौका? सैमसन के फॉर्म ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

लखनऊ में खेले गए पहले टी20 में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया शुक्रवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे मैच में उतरेगी, उसकी निगाहें लगातार दूसरी जीत के साथ सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी।

टीम के ज्यादातर बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन संजू सैमसन की लगातार नाकामी ने टीम प्रबंधन के सामने सलामी जोड़ी को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसे में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज करने का मौका मिल सकता है।

सैमसन पिछली चार टी20 पारियों में सिर्फ 29 रन बना सके हैं और इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 11 रन रहा है। उनकी नाकामी का असर टीम की शुरुआत पर भी पड़ा है। मध्यक्रम ने इस कमी को अभी तक बखूबी संभाला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने 68वें मैच में करियर का पहला टी20 शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

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सैमसन के लगातार संघर्ष के बीच सूर्यवंशी के लिए दरवाजा खुल सकता है। 15 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने छोटे प्रारूप में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। उनके पास शॉट्स की विविधता है और वह पावरप्ले में तेजी से रन बनाकर विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, टीम प्रबंधन ने अभी तक अभिषेक और सैमसन की स्थापित सलामी जोड़ी पर ही भरोसा जताया है। एशियाई खेलों में भी सूर्यवंशी और अभिषेक ने पारी की शुरुआत की थी, जबकि सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। इसके बावजूद सैमसन को लगातार समर्थन दिया गया, लेकिन वह अब तक इस भरोसे को प्रदर्शन में नहीं बदल पाए हैं।

वहीं, सूर्यवंशी के सामने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौती स्पष्ट है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की 0-3 की हार के दौरान उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए थे। एशियाई खेलों में उन्होंने 18 और 35 रन की पारियां खेलीं। ये आंकड़े किसी युवा बल्लेबाज के लिए निराशाजनक नहीं हैं, लेकिन यह जरूर बताते हैं कि घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मिली सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुरंत दोहराना आसान नहीं है।

इसी वजह से टीम प्रबंधन सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह उनके लिए खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगा।

भारत की नजर सिर्फ बल्लेबाजी संयोजन पर नहीं होगी। तेज गेंदबाजी विभाग में भी बदलाव किया जा सकता है। पहले टी20 में मयंक यादव ने अपने पहले ही ओवर में 16 रन खर्च कर दिए थे और इसके बाद भी वह महंगे साबित हुए। ऐसे में टीम प्रबंधन ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को मौका देने और उनसे नई गेंद से गेंदबाजी कराने पर विचार कर सकता है। हालांकि, वनडे सीरीज में यह रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुई थी।

स्पिन विभाग में भारत के पास कुलदीप यादव और अक्षर पटेल का मजबूत संयोजन है। दोनों ने पहले टी20 में दो-दो विकेट लिए थे। इसके अलावा नमन धीर ने ऑफ स्पिन से 31 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जो टीम के लिए एक और सकारात्मक पहलू रहा।

वेस्टइंडीज के लिए वापसी की राह उसकी बल्लेबाजी से होकर जाती है। पहले मैच में 171 रन बनाने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को आसानी से पार कर लिया था। अब कप्तान शाई होप, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, रोस्टन चेज और रोमारियो शेफर्ड जैसे अनुभवी टी20 खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत है और भारत को चुनौती देने के लिए उसे इस बार बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। टीम के लिए कम से कम 220 रन का लक्ष्य प्रतिस्पर्धी साबित हो सकता है। गेंदबाजी में उसकी उम्मीदें बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन पर टिकी होंगी।

भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन : श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, ईशान किशन, नमन धीर, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, मयंक यादव

वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग इलेवन : शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज़, मैथ्यू फोर्डे, शिमरोन हेटमायर, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोटी, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर