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एक ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा के 25 वर्ष: मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक, नरेन्द्र मोदी के शासन को विश्व नेताओं ने सराहा, “एक ही कर्तव्यभाव से सेवा” का लिया संकल्प

राघवेंद्र प्रताप सिंह | द इंडियन व्यू

नई दिल्ली: 7 अक्टूबर 2026 का दिन भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर बन गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शासन प्रमुख (Head of Government) के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब से लेकर आज तक की उनकी यह निर्बाध यात्रा न केवल भारत बल्कि वैश्विक लोकतांत्रिक राजनीति में एक विरला उदाहरण है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु सहित दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके परिवर्तनकारी नेतृत्व, सुशासन और वैश्विक शांति के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए बधाइयां और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नाइजीरिया, नेपाल, फिलीपींस, जाम्बिया और जापान जैसे कई प्रमुख देशों के नेताओं ने इस अवसर पर विशेष संदेश भेजे। जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए की शुभकामनाओं का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की आगामी 75वीं वर्षगांठ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक शांति के लिए नई ऊंचाइयां लेकर आएगी। इसी प्रकार, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर और जाम्बिया के राष्ट्रपति हाकेंडे हिचिलेमा को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेशी नेताओं ने अपने संदेशों में स्पष्ट किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक अपरिहार्य शक्ति बन चुका है।

घरेलू मोर्चे पर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की जनसेवा की सराहना करते हुए कहा कि उनके विजन ने देश के बुनियादी ढांचे, डिजिटल सशक्तिकरण और गरीब कल्याण के क्षेत्र में युगांतरकारी बदलाव किए हैं। राष्ट्रपति के इन प्रेरक शब्दों पर गहरा आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (X) पर लिखा, “जब मैं मुड़कर देखता हूं तो यह देखना बहुत सुखद लगता है कि हमारे प्रयासों का परिवर्तन दैनिक जीवन में परिलक्षित हो रहा है। मैं ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के उसी कर्तव्यभाव से देश की सेवा करता रहूंगा।”

विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की यह यात्रा ‘गुजरात मॉडल’ के औद्योगीकरण से शुरू होकर ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, CoWIN), ‘मेक इन इंडिया’, और ‘विकसित भारत 2047’ के महासंकल्प तक पहुंची है। इन 25 वर्षों में उन्होंने विनाशकारी भूकंप (कच्छ), वैश्विक आर्थिक मंदी और सदी की सबसे बड़ी महामारी (कोविड-19) जैसे कई गंभीर संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है। करोड़ों गरीबों को पक्के घर, शौचालय, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत) देकर उनकी सरकार ने शासन को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया है। यह 25वीं वर्षगांठ केवल एक राजनेता की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एक उभरते, सशक्त और आत्मविश्वास से भरे नए भारत की विकास यात्रा का जीवंत दस्तावेज है।