देवी पक्ष का शुभारंभ: महालया के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, मां दुर्गा से की सुख-शांति की कामना

अभिषेक सिंह | द इंडियन व्यू
नई दिल्ली: पितृ पक्ष के समापन और देवी पक्ष के पावन शुभारंभ के प्रतीक ‘महालया’ (Mahalaya) के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार (10 अक्टूबर 2026) को समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। महालया का यह दिन विशेष रूप से बंगाली समुदाय और पूर्वी भारत में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन से शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के भव्य उत्सव का आधिकारिक रूप से श्रीगणेश माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (X) पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, “महालया के इस अत्यंत पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को ढेरों शुभकामनाएं। हम प्रार्थना करते हैं कि मां दुर्गा का दिव्य आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। उनका आशीर्वाद हमारे समाज में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।” प्रधानमंत्री का यह संदेश देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है।
महालया का भारतीय जनमानस में एक विशिष्ट और गहरा आध्यात्मिक महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या को महालया कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से अपनी यात्रा प्रारंभ कर धरती लोक (अपने मायके) की ओर प्रस्थान करती हैं। बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज सुबह से ही ‘चंडी पाठ’ और रेडियो पर वीरेंद्र कृष्ण भद्र की मंत्रमुग्ध कर देने वाली स्तुति ‘महिषासुर मर्दिनी’ की गूंज सुनाई दे रही है। यह ध्वनि बुराई पर अच्छाई की जीत और मातृ शक्ति के असीम सामर्थ्य का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से ‘नारी शक्ति’ (Nari Shakti) के महत्व को भी रेखांकित किया है। सरकार का दृष्टिकोण रहा है कि नवरात्रि के ये नौ दिन केवल उपवास और पूजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं के सम्मान, उनकी सुरक्षा और समाज में उनके सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराने के दिन हैं। महालया के साथ ही देश भर के पूजा पंडालों में मूर्तिकारों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने और उनके ‘चक्षुदान’ (आंखें बनाने की रस्म) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
आगामी कुछ दिनों में गुजरात में गरबा की धूम, उत्तर भारत में रामलीला का मंचन और पूर्वी भारत में ढाक की थाप के साथ दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बधाई संदेश ने देश भर में उत्सव के माहौल को और अधिक ऊर्जामय बना दिया है।