भारत-ए ने आखिरी मुकाबले में दिखाया दम, ऑस्ट्रेलिया-ए ने 2-1 से जीती सीरीज

भारत-ए ने तीसरे अनौपचारिक वनडे में शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया-ए को 49 रन से हराया। एक समय मुकाबले में मजबूत नजर आ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने लड़खड़ा गई और 226 रन पर ढेर हो गई। यश ठाकुर, गुरजपनीत सिंह और निशांत सिंधु की प्रभावशाली गेंदबाजी ने भारत-ए को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, तीन मैचों की सीरीज ऑस्ट्रेलिया-ए ने 2-1 से अपने नाम की। भारत-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 275 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया-ए 226 रन ही बना सकी। भारत से गुरजपनीत सिंह ने तीन विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर और निशांत सिंधु ने दो-दो विकेट चटकाए।

276 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया-ए की शुरुआत अच्छी रही। जोश फिलिप्स और लियाम स्कॉट ने पहले विकेट के लिए 82 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। स्कॉट 26 रन बनाकर आउट हुए, जबकि फिलिप्स ने 56 रन की पारी खेली। लाचलान शॉ ने 31 रन बनाए, जबकि नाथन मैकस्वीनी ने 39 रन का योगदान दिया। निखिल चौधरी 29 रन बनाकर रनआउट हुए। एक समय ऑस्ट्रेलिया-ए का स्कोर 177 रन पर तीन विकेट था और टीम जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी।

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मजबूत स्थिति में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया-ए की पारी अचानक बिखर गई। भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाते हुए लगातार विकेट निकाले और विपक्षी टीम को 226 रन पर समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया-ए ने अपने आखिरी सात विकेट महज 49 रन जोड़कर गंवा दिए। मिचेल ओवेन 20 रन बनाकर गुरजपनीत सिंह का शिकार बने। विल सदरलैंड ने सात और बेन ड्वारशुइस ने पांच रन बनाए।

टॉड मर्फी छह रन बनाकर यश ठाकुर की गेंद पर देवदत्त पडिक्कल को कैच दे बैठे। गुरजपनीत सिंह ने तीन विकेट लिए। यश ठाकुर और निशांत सिंधु ने दो-दो विकेट हासिल किए। भारतीय गेंदबाजों की इस शानदार वापसी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

इससे पहले, टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया-ए ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत-ए की शुरुआत अच्छी रही। प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 83 रन जोड़े। प्रभसिमरन ने 39 रन बनाए। वहीं, प्रियांश आर्या अर्धशतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। उन्होंने 49 रन बनाए।

इसके बाद भारत-ए ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए। देवदत्त पडिक्कल दो रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 33 रन ही बना सके। पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले रजत पाटीदार तीन रन बनाकर पवेलियन लौटे। निशांत सिंधु भी पांच रन ही बना सके। एक समय भारत-ए का स्कोर 159 रन पर छह विकेट था और टीम मुश्किल में थी।

सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने सातवें विकेट के लिए 77 गेंदों में 85 रन जोड़कर भारत-ए को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। विपराज ने 40 रन बनाए। दूसरी ओर, सूर्यांश ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 66 रन की पारी खेली। अनुकूल रॉय 13 रन बनाकर नाबाद रहे। इस साझेदारी की बदौलत भारत-ए 275 रन बनाकर ऑलआउट हुई।

ऑस्ट्रेलिया-ए की ओर से विल सदरलैंड और बेन ड्वारशुइस ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि लियाम स्कॉट ने दो विकेट हासिल किए। भारत-ए ने तीसरे अनौपचारिक वनडे में जीत दर्ज कर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन शुरुआती दो मुकाबलों में बढ़त बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीतने में सफल रही। तीसरे मैच में भारतीय गेंदबाजों की निर्णायक वापसी और सूर्यांश शेडगे-विपराज निगम की साझेदारी जीत के सबसे बड़े कारण रहे।