तमिलनाडु के विकास से ‘विकसित भारत’ का संकल्प होगा पूरा: चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष संबोधन का मूल पाठ

राघवेंद्र प्रताप सिंह
चेन्नई/नई दिल्ली:
“तमिलनाडु के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, वणक्कम! आज का दिन तमिलनाडु के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। आज इस पावन और ऊर्जावान धरती पर ₹13,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। ये परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं हैं, बल्कि ये तमिलनाडु के करोड़ों युवाओं के सपनों, आकांक्षाओं और राज्य के औद्योगिक सामर्थ्य को एक नई उड़ान देने का माध्यम हैं। केंद्र सरकार राज्यों के तीव्र विकास के जरिए ही पूरे देश को प्रगति की राह पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
विरासत और आधुनिकता का अद्भुत मेल है तमिलनाडु
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की असली ताकत हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के अनूठे समन्वय में निहित है। तमिलनाडु इस विचारधारा का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। एक तरफ जहां यह राज्य दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध तमिल संस्कृति का संरक्षक है, वहीं दूसरी तरफ यह आधुनिक रक्षा विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का एक बड़ा हब बन चुका है। सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि आधुनिकतम अवसंरचना (Infrastructure) के माध्यम से राज्य के व्यापार और जीवन स्तर को और अधिक सुगम बनाया जाए।
बंदरगाह आधारित विकास और तटीय अर्थव्यवस्था (Blue Economy) पर जोर:
- जहाजों का टर्नअराउंड टाइम हुआ कम: प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बंदरगाहों की कार्यक्षमता में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। बड़े कंटेनर जहाजों की मेजबानी के लिए चेन्नई और कामराजार बंदरगाहों को आधुनिक बनाया गया है।
- मछुआरा समुदायों का सशक्तीकरण: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मछुआरों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक स्तर मजबूत हुआ है।
- सी-फूड निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि: भारत से समुद्री उत्पादों (Sea Food) का निर्यात आज अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसका सीधा लाभ तमिलनाडु के तटीय जिलों के मछुआरा भाइयों को मिल रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी का रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण, अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और चेन्नई मेट्रो रेल का विस्तार आने वाले समय में आवागमन को बेहद आसान बना देगा। यह बुनियादी ढांचा न केवल उद्योगों के लिए परिवहन लागत को कम करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि जब तमिलनाडु का युवा सशक्त होगा, तभी ‘विकसित भारत@2047’ का हमारा राष्ट्रीय विज़न साकार रूप ले सकेगा।