शिक्षा ही समाज के परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम: जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में पीएम मोदी का संबोधन

अभिषेक सिंह
चेन्नई/नई दिल्ली:
“तमिलनाडु के माननीय राज्यपाल जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी, सम्मानित शिक्षक गण, अभिभावक और मेरे युवा साथियों, वणक्कम! आज नवरात्रि के पावन और प्रथम दिन पर शिव और शक्ति की इस पवित्र धरती तमिलनाडु में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह (Golden Jubilee Celebration) का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। मैं इस संस्थान को पाँच दशकों तक शिक्षा की अलख जगाने और देश को अनुशासित नागरिक देने के लिए बधाई देता हूँ।”
पाँच दशकों की गौरवशाली यात्रा और राष्ट्र निर्माण में योगदान
प्रधानमंत्री ने स्कूल की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए 50 वर्ष की निरंतर सेवा एक बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। इस विद्यालय ने केवल अक्षर ज्ञान नहीं दिया, बल्कि अपने छात्रों में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के बीज बोए हैं। यहाँ से निकले छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है, जो इस संस्थान के शिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
शिक्षकों और नई पीढ़ी के लिए प्रधानमंत्री का 3-सूत्रीय संदेश:
- आधुनिकता के साथ संस्कारों का मेल: पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा को तकनीकी रूप से उन्नत होना चाहिए, लेकिन हमारी जड़ें हमेशा हमारी संस्कृति और मूल्यों से जुड़ी रहनी चाहिए।
- रटने के बजाय सोचने की क्षमता (Critical Thinking): उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के विज़न को दोहराते हुए कहा कि आज के युवाओं को केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि नवाचार (Innovation) और समस्याओं के समाधान के लिए तैयार होना होगा।
- राष्ट्र प्रथम (Nation First) की भावना: छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जो भी करियर चुनें, आपका हर एक प्रयास देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान देने वाला होना चाहिए।
नवरात्रि के पावन पर्व पर युवा शक्ति का आह्वान
समारोध के समापन पर प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के पावन उत्सव का संदर्भ देते हुए कहा कि यह पर्व संकल्प, साधना और शक्ति की उपासना का प्रतीक है। हमारी युवा पीढ़ी ही इस देश की असली ‘युवा शक्ति’ है। उन्होंने विश्वास जताया कि जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय आने वाले दशकों में भी इसी तरह देश को प्रगति पथ पर ले जाने वाले हुनरमंद और मूल्यवान नागरिकों का निर्माण करता रहेगा।