तमिलनाडु के विकास को नई रफ्तार: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेन्नई दौरा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मिला बड़ा विस्तार

विवेक ओझा | द इंडियन व्यू
चेन्नई: दक्षिण भारत में औद्योगिक विकास, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और शहरी गतिशीलता को नई ऊंचाई प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरा संपन्न किया। चेन्नई आगमन पर राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री का भव्य और पारंपरिक तमिल रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, रेल, ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी से जुड़ी कई प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और तमिलनाडु को भारत की ‘पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य का एक प्रमुख इंजन बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रमों के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के समृद्ध सांस्कृतिक गौरव और उसकी आधुनिक औद्योगिक क्षमता दोनों को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महाकवि सुब्रमण्यम भारती और संत तिरुवल्लुवर के अमर संदेशों को उद्धृत करते हुए कहा कि तमिल भाषा, कला और ज्ञान पूरी दुनिया की धरोहर हैं। प्रधानमंत्री ने चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing), ऑटोमोबाइल हब और रक्षा औद्योगिक गलियारे (Tamil Nadu Defence Industrial Corridor) की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य वैश्विक कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है।
शहरी गतिशीलता के क्षेत्र में चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के आगामी चरणों और उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम ही आधुनिक शहरों की जीवन रेखा है। इसके साथ ही, चेन्नई बंदरगाह (Chennai Port) और कामराजार बंदरगाह की कनेक्टिविटी में सुधार से जुड़े लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रगति को भी परखा गया, जिससे निर्यात लागत में कमी आएगी और स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने राज्य के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और कौशल विकास योजनाओं के जरिए तमिल युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और स्पेस-टेक जैसी भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत विकासात्मक समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया और आश्वस्त किया कि तमिलनाडु का समग्र और संतुलित विकास ‘विकसित भारत 2047’ के महासंकल्प का एक अनिवार्य स्तंभ है। इस उच्च-स्तरीय दौरे ने राज्य के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊर्जा और गति प्रदान की है।