विरासत का संरक्षण: देश के 3 प्रमुख धरोहर स्थलों के कायाकल्प के लिए HAL, NCF और ASI के बीच ₹23.60 करोड़ का ऐतिहासिक समझौता

सरिता त्रिपाठी
नई दिल्ली:
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मंगलवार को एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), राष्ट्रीय संस्कृति कोष (NCF) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने देश के तीन सबसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत जिन तीन प्रमुख धरोहर स्थलों (हेरिटेज साइट्स) का चयन किया गया है, उनमें कर्नाटक का ऐतिहासिक शहर हम्पी, उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित विश्वप्रसिद्ध ताजमहल और केरल का ऐतिहासिक बेकल किला शामिल हैं।
संस्कृति मंत्रालय की मौजूदगी में हुआ हस्ताक्षर समारोह
यह महत्वपूर्ण समझौता नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-02 में संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) श्री प्रदीप कुमार ने आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में एचएएल के निदेशक (HR) श्री एम. जी. बालसुब्रमण्यम, उप महाप्रबंधक (HR-CSR) रमेश के., मुख्य प्रबंधक वर्षा, प्रबंधक सुधाकर सहित संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राष्ट्रीय संस्कृति कोष (NCF) के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सीएसआर के तहत ₹23.60 करोड़ की वित्तीय सहायता
आधिकारिक विज्ञप्ति और संस्कृति मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश की इस अमूल्य धरोहर को संवारने के लिए HAL ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से कुल ₹23.60 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय सहायता को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह वित्तीय योगदान वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2028-29 तक, यानी कुल तीन वर्षों की अवधि में विभिन्न चरणों में जारी किया जाएगा।
धरोहर स्थलों पर क्या होंगे विकास कार्य?
इस बहुवर्षीय परियोजना का मुख्य उद्देश्य इन ऐतिहासिक स्मारकों का वैज्ञानिक तरीकों से संरक्षण करना और वहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है।
- हम्पी (कर्नाटक): यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस प्राचीन विजयनगर साम्राज्य की राजधानी में मुख्य रूप से ऐतिहासिक उत्तरी और दक्षिणी बाजार (North and South Bazaar) क्षेत्रों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इसके तहत क्रमशः 270 मीटर और 250 मीटर लंबे बाजार क्षेत्रों में विकास और सौंदर्यीकरण का काम प्रस्तावित है।
- ताजमहल (आगरा) और बेकल किला (केरल): इन दोनों प्रतिष्ठित स्थलों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के विशेषज्ञों के तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श के आधार पर विशिष्ट संरक्षण कार्य और साइट-डेवलपमेंट (जैसे पर्यटकों के लिए उन्नत सुविधाएं, सूचना केंद्र और सुलभ मार्ग) किए जाएंगे।
संस्कृति मंत्रालय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी विशेषज्ञ निकायों के बीच एक अनुकरणीय सहयोग है, जो न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करेगा बल्कि पर्यावरण-अनुकूल और सतत विरासत पर्यटन (Sustainable Heritage Tourism) को भी अत्यधिक बढ़ावा देगा।