कुशल सारथी बने शिशिर

उत्तर प्रदेश व्यापार मेले की सफलता के संयोजक

राघवेंद्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2026 के सफल आयोजन के बाद इस उपलब्धि के पीछे के किरदारों पर खूब चर्चा हो रही है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में जिन सबसे विश्वसनीय अधिकारियों का नाम पिछले कुछ समय में सुर्खियों में रहा है, उनमें शिशिर सिंह प्रमुख रूप से हैं। उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के सफल आयोजन, आगंतुकों में एक अनोखा विश्वास, सूक्ष्म लघु और मध्यम उपक्रम से जुड़े उत्पादों को एक नई अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने, खादी ग्रामोद्योग की गरिमा बढ़ाने, गांधी जी के धारणीय आर्थिक विकास की संकल्पना पर काम करते हुए MSME के विशेष सचिव शिशिर सिंह ने एक विजनरी और एक प्रो एक्टिव ब्यूरोक्रेट के रूप में शानदार भूमिका निभाई। एक जिला एक व्यंजन और एक जिला एक उत्पाद जैसे योगी सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रमों में शिशिर सिंह के नेतृत्व में एक नई ऊर्जा डाली गई।

कोई सेक्टर कब कैसे और कितना बेहतर परफॉर्मेंस कर सकता है, उसके लिए जरूरी पुश कैसे आयेगा, जब तक इस बात पर विचार नही होता तब तक सेक्टोरल ग्रोथ एक सपना बना रहता है लेकिन योगी आदित्यनाथ के सिपासालार शिशिर सिंह ने इस बिंदु को इंटरनेशनल ट्रेड शो के कदम कदम पर आसान बनाने की कोई कसर नही छोड़ी। उनकी एक अहम भूमिका या योगदान ये रहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश के लोगों, देशी विदेशी कारोबारियों को इस ट्रेड शो के उद्देश्य, व्यापारिक गठजोड़ों के लाभ, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार सृजन की बुनियादी संभावनाओं के बारे में खूब सूचनाएं साझा की। एक तरीके से उन्होंने व्यापार मेला साक्षरता को बढ़ावा दिया। शिशिर सिंह 7 साल तक सूचना निदेशक के पद पर रह चुके हैं तो उन्हें सूचना संप्रेषण में महारथ हासिल है। कालांतर में उन्हें सूक्ष्म लघु उद्योग और खादी ग्राम उद्योग में सचिव बनाकर भेजा गया। शिशिर सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे ख़ासमखास अधिकारी माने जाते हैं। उनका संबंध योगी आदित्यनाथ से नया नहीं बल्कि तब से है, जब वो एडीएम गोरखपुर हुआ करते थे। इसलिए योगी आदित्यनाथ ने उनपर भरोसा कर उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं देते रहे हैं।

गौरतलब है कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई तैनात हैं। सरकार ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें उद्यम आगे बढ़ रहे हैं, नवाचार कर रहे हैं और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अब इन्हें सटीक रास्ते पर चलाने की जिम्मेदारी भी शिशिर सिंह के ही हाथों में है। जिस विभाग का वो नेतृत्व करते हैं वो उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में बड़ी भूमिका अदा कर सकती है। इसलिए शिशिर सिंह गतिशीलता के साथ इस क्षेत्र के विकास के लिए मुस्तैदी से काम करते हैं।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के चौथे दिन सीएम युवा पवेलियन में श्री शिशिर सिंह, सीईओ, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड एवं स्पेशल सेक्रेटरी, एमएसएमई, उत्तर प्रदेश ने विभिन्न स्टॉल्स का भ्रमण कर चीजों के प्रबंधन का जायजा लिया और Exhibitors से मुलाकात की। अक्सर यह देखा गया है कि शिशिर सिंह किसी भी इवेंट को सफल बनाने, लोगों को जागरूक करने, किसी विषय पर जरूरी संवाद कर सहभागिता का स्तर बढ़ाने के लिए नेतृत्वकारी भूमिका में नज़र आते हैं। वे अपने अधीनस्थों को प्रोत्साहित करते नजर आते हैं। CM YUVA योजना को सफल बनाना उनके प्राइम उद्देश्यों में एक है। इस योजना के माध्यम से मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपना Business शुरू करने वाले लाभार्थी युवा उद्यमियों को अपने स्टॉल्स के माध्यम से Products एवं Services प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

एमएसएमई विभाग के विशेष सचिव शिशिर सिंह ने स्वयं मीडिया पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण की तैयारियां कैसे हुईं, चीफ गेस्ट का फाइनल हुआ , स्टॉल्स के बारे में उन्होंने गर्मजोशी से बताया कि पहले की तुलना में अधिक स्टॉल्स और उनमें विविधता देखी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन संस्करणों की तुलना में चौथा संस्करण और आगे बढ़ा है फिर चाहे स्टॉल्स की संख्या के आधार पर देखा जाए या पार्टनर कंट्रीज की संख्या। MSME विशेष सचिव शिशिर सिंह का मानना है कि जब नीतियां और कार्यक्रम को धरातल पर उतारकर वास्तविकता बनाने पर जोर होता है तो विदेशी राष्ट्रों में भी ट्रस्ट बढ़ता है कि उनका उत्तर प्रदेश सरकार से गठजोड़ का निर्णय उन्हें बिल्कुल निराश नही करेगा। शिशिर सिंह का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रेता ( international buyers) आज उत्तर प्रदेश की बेहतर विक्रेता की छवि को स्वीकार कर लगातार प्रदेश में अपना फुट प्रिंट बढ़ा रहे हैं। इसका असर बी2बी बैठकों में साफ दिखा। पिछले संस्करण की 31,650 बैठकों के मुकाबले इस बार संख्या 41,500 तक पहुंची। इसी तरह रिवर्स बायर्स-सैलर्स मीटिंग 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गईं। यानी विदेशी खरीदारों और प्रदेश के कारोबारियों के बीच सीधे संपर्क का दायरा दोगुने से भी अधिक हुआ।

महिला उद्यमिता को नई ऊंचाई देने के लिए महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए शिशिर सिंह ने उनसे संवाद किया। ट्रेड शो में अलग-अलग जिलों से आई महिला उद्यमियों ने अपने स्टॉल संभाले, उत्पादों की जानकारी दी और खरीदारों से सीधे कारोबार की बातचीत की। स्थानीय महिला उद्यमिता का यह अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ना आयोजन की उल्लेखनीय उपलब्धियों में रहा। इस बार ट्रेड शो ने पिछले संस्करण के मुकाबले कारोबारी संपर्क और एमओयू के पैमाने को काफी बढ़ाया है। गांव-कस्बों में बने उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने का मंच तैयार हुआ है।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बिजनेस एंगेजमेंट्स, नॉलेज सेशंस, कल्चरल प्रोग्राम, लाइव मूवमेंट्स, फैशन शो और लेजर शो सहित कई गतिविधियों के सूत्र पिरोने में शिशिर सिंह की प्रभावी भूमिका रही है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन चुका है. देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई संभावनाएं बनी हैं। ट्रेड शो का समापन प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसरों की शुरुआत है, । ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में भी प्रदेश लगातार ‘टॉप एचीवर’ के रूप में सामने आया है। इन सभी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बीच प्रदेश के विकास के लिए समर्पित विजनरी ब्यूरोक्रेट शिशिर सिंह अपनी उपस्थिति हर जगह दर्ज करते हुए अपने सुझावों का लोहा मनवाते आए हैं।