यूनाइटेड की हार के बाद मार्टिनेज का हमला, क्लब प्रबंधन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ चैंपियंस लीग में 0-2 की हार के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। टीम के डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने क्लब के शीर्ष प्रबंधन और खिलाड़ियों की भर्ती की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चैंपियंस लीग में वापसी के बाद टीम को मजबूत बनाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए थे। उनके इस बयान ने मैदान पर खराब प्रदर्शन के साथ-साथ क्लब के कामकाज को लेकर भी बहस तेज कर दी है।

मैनचेस्टर यूनाइटेड की मुश्किलें केवल चैंपियंस लीग तक सीमित नहीं हैं। टीम सभी प्रतियोगिताओं में लगातार पांच मैचों से जीत दर्ज नहीं कर सकी है। वहीं, इंग्लिश प्रीमियर लीग में भी उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और टीम अंक तालिका में 13वें स्थान पर है। ऐसे में एटलेटिको के खिलाफ हार ने क्लब की मौजूदा समस्याओं को और उजागर कर दिया है।

मार्टिनेज ने क्लब के शीर्ष अधिकारियों से बेहतर खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा, “मुझे खुद पर काफी नियंत्रण रखना पड़ता है। लेकिन कभी-कभी यह हमारे क्लब की मौजूदा स्थिति का आईना होता है। हमने पिछले सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। अब हम शीर्ष स्तर के प्रबंधन से, ऊपर बैठे लोगों से, और ज्यादा उम्मीद करते हैं कि वे प्रतिस्पर्धा करने के लिए और खिलाड़ी लेकर आएं, क्योंकि कई अन्य टीमें भी बड़ी संख्या में प्लेयर्स को ला रही हैं। एक शानदार टीम एटलेटिको के पास थी और वह जीत की हकदार थी।”

साभार : गूगल

मार्टिनेज ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्वीकार करने के साथ-साथ टीम को मजबूत बनाने में क्लब के अधिकारियों की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मजबूत टीम तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “मैं तकनीकी निदेशक से और ज्यादा उम्मीद करता हूं। मुझे ईमानदारी से बोलना होगा कि प्लेयर्स के रूप में हमें भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा, लेकिन यह भी अहम है कि आप एक मजबूत टीम तैयार करें, ताकि ऐसी बड़ी रातों में मुकाबला करने के लिए तैयार रहें।”

डिफेंडर ने पिछले सत्र में टीम से किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए मौजूदा प्रदर्शन पर निराशा जताई। उनके मुताबिक, टीम ने मजबूत आधार तैयार किया था, लेकिन अब मैदान पर उस स्तर का प्रदर्शन देखने को नहीं मिल रहा है जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

मार्टिनेज ने पिछले सत्र में टीम की मेहनत और तैयारियों का हवाला देते हुए मौजूदा प्रदर्शन पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने मजबूत और प्रतिस्पर्धी इकाई बनने के लिए अच्छी नींव रखी थी, लेकिन अब बड़े मुकाबलों में वैसा प्रदर्शन नजर नहीं आ रहा है। उनके मुताबिक, टीम को इस स्तर पर बेहतर नतीजों के लिए संघर्ष करते देखना निराशाजनक है।

मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल निदेशक जेसन विलकॉक्स हैं। क्लब ने नए सत्र से पहले कार्लोस बालेबा, यूरी टिलेमन्स और आंद्रेई सैंटोस जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के लिए करीब 21.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे। इसके बावजूद टीम अभियान की शुरुआत में संघर्ष कर रही है। ऐसे में मार्टिनेज की टिप्पणियों ने क्लब की ट्रांसफर रणनीति और टीम निर्माण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मार्टिनेज ने खराब प्रदर्शन के लिए केवल मैनेजर को जिम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “आप मैनेजर बदलना शुरू कर देते हैं, बदलते हैं, फिर बदलते हैं। लेकिन दूसरे विभागों का क्या?”

उनकी इस टिप्पणी से स्पष्ट है कि वह टीम की समस्याओं को केवल कोचिंग तक सीमित नहीं मानते, बल्कि क्लब के दूसरे विभागों और प्रबंधन की जवाबदेही को भी जरूरी समझते हैं।

मुकाबले में एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से ही प्रभावी प्रदर्शन किया। पाब्लो बारियोस ने पहले ही मिनट में गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद दूसरे हाफ में एडेमोला लुकमैन ने एक और गोल दागकर एटलेटिको की 2-0 से जीत सुनिश्चित कर दी। यूनाइटेड की टीम इस बढ़त को पलटने में नाकाम रही और उसे हार का सामना करना पड़ा।

इस नतीजे के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के मुख्य कोच माइकल कैरिक पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, मार्टिनेज के बयान ने बहस का दायरा बढ़ा दिया है। अब सवाल केवल कोच के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की भर्ती, टीम की गहराई और क्लब के शीर्ष प्रबंधन की जिम्मेदारी का भी है।