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सीएम योगी ने मां कूष्मांडा को बताया सृजन का प्रतीक, बोले- नए भारत की भाग्य विधाता बन रही यूपी की नारी

विवेक ओझा

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मातृशक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं आज केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर ‘नए भारत’ की भाग्य विधाता बन रही हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की मातृशक्ति की असीम ऊर्जा, सामर्थ्य और उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया है। नवरात्रि के चौथे दिन, जो मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से समर्पित है, सीएम योगी ने महिलाओं को सृजन और शक्ति का साक्षात प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस प्रकार मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से इस पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी, ठीक उसी प्रकार आज उत्तर प्रदेश की नारी अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, कौशल और अथक मेहनत से एक नए और सशक्त समाज का सृजन कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज की जागरूक महिलाएं ‘नए भारत’ की भाग्य विधाता के रूप में उभर रही हैं और राज्य के चहुंमुखी विकास में उनका यह योगदान सर्वथा अभूतपूर्व है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही मातृशक्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की तेजी से बढ़ती भागीदारी पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हजारों गांवों में आज महिलाएं केवल पारंपरिक कृषि कार्यों तक ही सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि वे आधुनिक तकनीक अपनाकर सूक्ष्म और लघु उद्यमों का भी सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। राज्य में चल रहे लाखों स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आज करोड़ों महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से कदम बढ़ा चुकी हैं। ‘बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी’ (BC Sakhi) जैसी सरकार की अभिनव योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं को घर-घर पहुंचाने के साथ-साथ महिलाओं को सीधे तौर पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और अंततः पूरा समाज सशक्त होता है। आज यही महिला सशक्तिकरण उत्तर प्रदेश की मजबूत होती ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ बन रहा है।

मिशन शक्ति और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर एक बेहद व्यापक और सकारात्मक बदलाव आया है। सरकार के प्रमुख ‘मिशन शक्ति’ अभियान ने पूरे प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ी लगाम लगाई है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए एक भयमुक्त व सुरक्षित माहौल प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ जैसी कल्याणकारी पहलों ने बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक का पूरा मार्ग प्रशस्त किया है। आज प्रदेश की बेटियां पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा और आधुनिक तकनीक सहित हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार परचम लहरा रही हैं।

विकसित भारत 2047 का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के ऐतिहासिक संकल्प को समय पर पूरा करने में उत्तर प्रदेश की मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम और निर्णायक होने वाली है। उन्होंने कहा कि मां कूष्मांडा की उपासना और नवरात्रि के पर्व का वास्तविक अर्थ तभी पूरी तरह से सार्थक होता है, जब हम समाज में महिलाओं को उनका उचित सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार प्रदान करें। सीएम योगी ने सभी प्रदेशवासियों से यह आह्वान किया कि वे मातृशक्ति के प्रति सदैव अगाध सम्मान का भाव रखें और उनके आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण में अपना हर संभव योगदान सुनिश्चित करें, क्योंकि यूपी की यही नारी शक्ति अब नए भारत के स्वर्णिम भविष्य की सबसे मजबूत नींव रख रही है।