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प्रयागराज का कसारी-मसारी: अब माफिया का खौफ नहीं, 191 करोड़ से आकार लेंगे गरीबों के ख्वाब

संगम नगरी प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया से मुक्त कराई गई 9,811 वर्ग मीटर जमीन पर 191 करोड़ रुपये की लागत से 602 आवासों का भूमिपूजन होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 556 लाभार्थियों को उनके सपनों के घर की चाबियां सौंपी जाएंगी

राघवेंद्र प्रताप सिंह

संगम नगरी प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में बदलाव और सुशासन की एक नई कहानी आकार लेने जा रही है। जहां कभी माफिया का खौफ और दबंगई की दीवारें खड़ी थीं, वहां अब गरीबों के सपनों के दरवाजे खुलेंगे और बच्चों के कहकहे गूंजेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर ‘पद्म लोक आवास योजना’ के अंतर्गत 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 602 नए आवासों के निर्माण का भूमिपूजन होने जा रहा है। इसी विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को उनके अपने घरों की चाबियां भी सौंपी जाएंगी। यह पहल केवल जमीन का बदलता स्वरूप नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदलती शासन-व्यवस्था, बदलती प्राथमिकताओं और बदलते जनजीवन का प्रतीक है।

एक ओर जहां इस योजना से 602 परिवारों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जाएगी, वहीं दूसरी ओर 556 गरीब परिवारों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा पूरी होगी। किसी गरीब परिवार के लिए अपना पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं होता, बल्कि वह सुरक्षा, स्थिरता और स्वाभिमान का प्रतीक होता है। यह उस पिता के अधूरे सपने के पूरे होने जैसा है जिसने जिंदगी भर मेहनत की, उस मां के लिए राहत है जिसने हर बरसात में टपकती छत के नीचे बच्चों का बिस्तर खिसकाया, और उस बेटी के लिए खुशी है जिसे बार-बार किराए का मकान बदलते समय अपना आंगन पीछे छोड़ना पड़ा। जब इन 556 लाभार्थियों के हाथ में अपने घर की चाबी आएगी, तो केवल एक ताला नहीं खुलेगा, बल्कि उनके जीवन में भय से मुक्ति, अधिकार की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा का एक नया संसार खुलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में शासन की एक स्पष्ट रेखा खींची है, जो अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस, व्यवस्था में रूल ऑफ लॉ (कानून का राज) और विकास में गरीब को प्राथमिकता देने पर आधारित है। जहां कानून कमजोर पड़ता है और माफिया मजबूत होता है, वहां सबसे पहले गरीब का अधिकार छिनता है और सामान्य नागरिक का आत्मविश्वास टूटता है।इसीलिए कानून के राज का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि उस सामान्य नागरिक को निर्भय जीवन देना है जिसकी आवाज कभी ताकतवर लोगों के सामने दब जाती थी। कसारी-मसारी की यह भूमि इसी बदलाव और ‘जीरो टॉलरेंस’ के मानवीय पक्ष की वास्तविक सार्थकता को दर्शाती है, जहां पहले अवैध कब्जा हटाया गया और अब गरीबों के घर बसाने का संकल्प साकार हो रहा है।

भयमुक्त समाज और प्रजा का सुख ही रामराज्य का मूल भाव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शासन-दृष्टि इसी आदर्श को सुशासन और जनकल्याण से जोड़ती है। सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास और विकास से स्वाभिमान की यह यात्रा अब प्रयागराज में धरातल पर उतर रही है। कसारी-मसारी की यह आवासीय परियोजना साधारण निर्माण कार्य से कहीं अधिक महत्व रखती है, क्योंकि यह व्यक्ति को सुरक्षा, परिवार को संबल और समाज को विश्वास देने का काम कर रही है। जिस जमीन पर कभी दबंगई की कहानियां सुनाई जाती थीं, आने वाले दिनों में वहां गरीब परिवारों के गृहप्रवेश के मंगल गीत गूंजेंगे।