US नेवी के 251वें जन्मदिन पर बड़ी चूक: अमेरिकी नेताओं ने पोस्ट कीं भारत और रूस के युद्धपोतों की तस्वीरें, जमकर उड़ी खिल्ली

अमेरिकी नौसेना की 251वीं वर्षगांठ पर बधाई देने की जल्दबाजी में कई दिग्गज अमेरिकी राजनेताओं और सरकारी एजेंसियों ने बड़ी गलती कर दी। उन्होंने अमेरिकी जहाजों की जगह भारतीय और रूसी युद्धपोतों की तस्वीरें इस्तेमाल कर लीं, जिससे सोशल मीडिया पर उनकी भारी फजीहत हो रही है
विवेक ओझा
वाशिंगटन: दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेनाओं में शुमार अमेरिकी नौसेना (US Navy) की 251वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बेहद हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई। नौसेना के स्थापना दिवस पर बधाई देने की जल्दबाजी और हड़बड़ी में अमेरिका के कई प्रमुख राजनेताओं, गवर्नरों और सरकारी एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी चूक कर दी। दरअसल, इन नेताओं ने अमेरिकी नौसेना को सलामी देने के लिए जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, वे अमेरिकी जहाजों की नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रूस के युद्धपोतों की थीं। इस भारी लापरवाही के सामने आने के बाद अब सोशल मीडिया पर इन अमेरिकी राजनेताओं का जमकर मजाक उड़ रहा है।
इस पूरी पोल को ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार डेव ब्राउन ने खोला। जॉर्जिया के रिपब्लिकन गवर्नर ब्रायन पी. केम्प ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए नौसैनिकों की सेवा और बलिदान को सलाम किया था, लेकिन उन्होंने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों- INS गोदावरी, INS ब्रह्मपुत्र और INS ब्यास की एक पुरानी तस्वीर लगा दी, जिसमें वे एक कतार में चल रहे थे। पत्रकार डेव ब्राउन ने तुरंत इस गलती को पकड़ लिया और अपनी पोस्ट में बताया कि यह तस्वीर 2008 में अमेरिका और भारत के बीच हुए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘मालाबार’ की है। नॉर्थ कैरोलिना के अमेरिकी सांसद टिम मूर ने भी ठीक इसी तस्वीर को शेयर कर बधाई दे डाली, जिसमें भारतीय नौसेना के तीन फ्रिगेट नजर आ रहे थे। इसके अलावा, रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े थिंक टैंक ‘फ्रीडम कॉकस फाउंडेशन’ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के फ्रिगेट INS त्रिकंद की तस्वीर पोस्ट कर दी।
गलतियों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के नेता और ओहायो के स्टेट रिप्रजेंटेटिव माइक डोविला ने बधाई देते हुए रूसी नौसेना का एक युद्धपोत शेयर कर दिया। हैरानी की बात यह है कि माइक डोविला खुद अमेरिकी नौसेना के पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर भी रह चुके हैं। इसी तरह, US बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारी जेफरी जे. डिनिस ने रूसी नौसेना के खतरनाक माने जाने वाले ‘किरोव-क्लास बैटलक्रूजर’ की एक तस्वीर पोस्ट कर दी। वहीं, सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया ने तो सोवियत काल के एक बहुत पुराने क्रूजर ‘मिखाइल कुतुजोव’ की तस्वीर शेयर करके अमेरिकी नौसेना को बधाई दे दी।
पत्रकार ब्राउन ने ध्यान दिलाया कि यह गलती किसी एक नेता ने नहीं बल्कि कई मशहूर हस्तियों और राजनेताओं ने की है। बता दें कि अमेरिकी नौसेना की स्थापना 14 अक्टूबर 1775 को हुई थी। उस समय ‘कॉन्टिनेंटल कांग्रेस’ ने ब्रिटिश आपूर्ति जहाजों को निशाना बनाने और उनका कड़ा मुकाबला करने के उद्देश्य से पहले सशस्त्र जहाजों को तैनात करने की आधिकारिक मंजूरी दी थी। इतने गौरवशाली इतिहास के बावजूद, आज के अमेरिकी नेताओं द्वारा अपने ही देश के युद्धपोतों को न पहचान पाना पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।