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कोलकाता: चोरबागान भगदड़ कांड में 7 गिरफ्तार, पूजा आयोजकों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

अभिषेक सिंह

कोलकाता: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को मची भीषण भगदड़ के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। कोलकाता पुलिस ने रविवार (18 अक्टूबर, 2026) को पूजा आयोजकों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48) और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे (55) शामिल हैं। अन्य आरोपियों में बांस के ढांचे के निर्माण में शामिल बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48), भीड़ प्रबंधन और वीआईपी पास की जांच में लगे कौशिक साहा (53), भीड़ प्रबंधन में तैनात पिंटू डे (51) और निजी सुरक्षा एजेंसी के इंचार्ज सुमन चक्रवर्ती (30) व राजेश पाल (29) के नाम शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में अब तक 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मामला और जांच
कोलकाता पुलिस ने गिरीश पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। घटना की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज करेंगे। इस SIT में STF, CID और अन्य विभागों के सदस्य भी शामिल होंगे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया है।

हादसे का कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से पंडाल में भारी भीड़ उमड़ रही थी। जब बारिश शुरू हुई, तो बड़ी संख्या में लोग पंडाल के अंदर शरण लेने के लिए दौड़ पड़े, जबकि अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। एक ही समय में लोगों का प्रवेश और निकास दोनों जारी रहने से स्थिति बेकाबू हो गई। राज्य के मंत्री उमेश राय ने आयोजकों और सुरक्षा एजेंसी पर भीड़ प्रबंधन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। एहतियात के तौर पर चोरबागान और आसपास के इलाकों में 18 से 20 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है।