‘सत्ता को रुतबा नहीं, जिम्मेदारी समझें’, नए आईपीएस अधिकारियों को अमित शाह की नसीहत; कहा- प्रचार से दूर रहकर प्रदर्शन से पहचान बनाएं

राघवेंद्र प्रताप सिंह
हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के नए आईपीएस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने पद को रुतबे के बजाय जिम्मेदारी के रूप में देखें। उन्होंने अधिकारियों से प्रचार से दूर रहने और अपने काम के प्रदर्शन से पहचान बनाने की सलाह दी है। यह संदेश शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 78वें रेगुलर रिक्रूट बैच की पासिंग-आउट परेड के दौरान पढ़कर सुनाया गया। समारोह में कुल 151 अधिकारी प्रशिक्षुओं ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की, जिनमें 37 महिला अधिकारी भी शामिल थीं।
बैच की संरचना
इस बैच में 135 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के प्रोबेशनर और 16 अधिकारी नेपाल, भूटान तथा मालदीव के थे। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार भी प्रदान किए।
अमित शाह का संदेश
गृह मंत्री का संदेश गृह सचिव गोविंद मोहन ने पढ़कर सुनाया। इसमें अमित शाह ने कहा कि विनम्रता, संयम और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ही एक पुलिस अधिकारी की वास्तविक ताकत है। उन्होंने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर दिया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। साथ ही, सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने में तकनीक और निगरानी प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों की भावना को जमीनी स्तर तक लागू करने और आधुनिक तकनीक तथा फोरेंसिक साइंस के इस्तेमाल से जांच को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
गृह सचिव ने गिनाईं पांच बड़ी चुनौतियां
गृह सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में देश की आंतरिक सुरक्षा के बदलते परिदृश्य पर बात की और आने वाले समय की पांच प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया। इनमें ड्रग्स की तस्करी के नेटवर्क का सफाया कर ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल करना, साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना, घरेलू और विदेशी प्रेरित आतंकवाद पर निरंतर नजर रखना, देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना और डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी तथा वीपीएन जैसे जरियों से अपराध करने वालों को पकड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल शामिल है।
उन्होंने चेताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी संदेशों और डीपफेक वीडियो जैसे बदलते यथार्थ से कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ऐसी सामग्री से समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होने से रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने होंगे और पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उन्नत तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना होगा।